लॉकडाउन को अंतिम विकल्प मान रहे कलेक्टर

- जनता बचाव के नियमों का पालन करे
- अधिकतर जिलों में धारा 144 लागू और बाजार का समय घटा दिया गया
- कहीं घोषित तौर पर तो कहीं अघोषित तौर पर रात का कफ्र्यू जारी

By: anil chaudhary

Published: 22 Sep 2020, 05:16 AM IST

भोपाल. प्रदेश में कोविड संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। 1 लाख 8 हजार से ज्यादा मरीज हो चुके हैं। इनमें से अभी 22,500 से ज्यादा पॉजिटिव हैं। ऐसे में इंदौर और भोपाल सहित कुछ जिलों में व्यापारियों ने ही जल्द बाजार बंद करने की पहल की है। अधिकतर जिलों में धारा 144 लागू है और बाजार का समय घटाकर जिला प्रशासन स्थिति को काबू करने का प्रयास कर रहा है। 'पत्रिकाÓ ने जिलों के कलेक्टरों से बात कर पता लगाने की कोशिश की क्या त्योहार से पहले लॉकडाउन की जरूरत है, तो सभी कलेक्टरों ने इसे आखिरी विकल्प बताया।
कलेक्टरों का कहना था कि हमारी प्राथमिकता कोरोना की जांच और अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन को लेकर है। जनता को बचाव के नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे लॉकडाउन की स्थिति न बने। अधिकतर अफसरों का कहना है कि मास्क न पहनने वालों पर जुर्माना किया जा रहा है और पुलिस और प्रशासन की टीमें लोगों को जागरूक भी कर रही हैं। जरूरी होने पर सख्ती से भी पेश आ रही हैं।

- उपचुनाव की छाया
प्रदेश में प्रस्तावित विधानसभा उपचुनाव के कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष लॉकडाउन को लेकर चर्चा नहीं कर रहे हैं। इस समय लॉकउाउन से उपचुनाव पर सीधा असर होगा। ऐसे में इस मुद्दे पर नेता और अफसर सीधे कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
- धारा 144 लागू , बाजार का समय घटाया
भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, दतिया, श्योपुर, मुरैना, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, शहडोल आदि जिलों में धारा 144 लागू है। इसी तरह भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, छतरपुर, सागर, कटनी, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी आदि जिलों में रात आठ बजे ही बाजार बंद किया जा रहा है। सिर्फ रेस्टोरेंट और होटलों को ही अतिरिक्त समय दिया गया है। रात में करीब करीब हर जिले में आवाजाही पर अघोषित कफ्र्यू जैसी स्थिति है।

अभी हमारा पूरा ध्यान सैम्पलिंग और अस्पतालों में बेड बढ़ाने पर है। बाजारों में भीड़ कम करने के लिए जरूरी सेवाओं को छोड़कर, बाकी अन्य दुकानों को रात आठ बजे बंद करने का आदेश 144 में जारी किया है।
- अविनाश लवानिया, कलेक्टर भोपाल

संक्रमण बढ़ रहा है, लेकिन उसी अनुपात में इलाज की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। लंबे लॉकडाउन की जरूरत नहीं है। व्यापारिक संगठनों से चर्चा कर बाजार शाम छह बजे बंद करने, रविवार के साथ शनिवार को अवकाश रखने या बाजारों में लेफ्ट-राइट या ऑड-ईवन जैसे विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं।
- मनीष सिंह, कलेक्टर इंदोर

लॉकडाउन की अपेक्षा लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। शहर में कुछ व्यापारिक क्षेत्रों को स्वप्रेरणा से बंद रखा है। कुछ ने व्यापार का समय घटा दिया है। रविवार को खुद लॉकडाउन रखते हैं।
- कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर जबलपुर

लाकडाउन से ज्यादा जरूरी है कि लोग संक्रमण से बचाव के निर्देशों का पालन करें। त्योहारों को लेकर प्रदेश स्तर से जो गाइडलाइन जारी की गई है, उसका पालन कराएंगे। लोकल लेवल पर अलग से कोई प्लानिंग नहीं है।
- कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, कलेक्टर ग्वालियर

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