आपके नाखूनों का रंग बता देता है आपकी बीमारी, चेक करें अपने नाखून का रंग

नाखूनों से चिकित्सा के कई राज जुड़े हुए है....

By: Ashtha Awasthi

Published: 29 Jun 2020, 05:08 PM IST

भोपाल। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण, त्वचा रोग, चोट लगना, सूजन व पोषण की कमी का असर नाखूनों पर भी देखा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नाखूनों से चिकित्सा के कई राज जुड़े हुए है। पुरातन काल में जब बीमारी की जांच के लिए टेस्ट की सुविधा नहीं होती थी, तब हकीम और वैद्य सबसे पहले हाथ के नाखूनों के रंग से बीमारी की जांच करते थे। विभिन्न शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि कई रोगों के पनपने के साथ-साथ नाखूनों का रंग अचानक बदलने लगता है। जानिए किस रंग के नाखून क्या बयां करते हैं....

पीले नाखून

फीके, हल्के पीले व कमजोर नाखून अनीमिया, हृदय संबंधी परेशानी, कुपोषण व लिवर रोगों का संकेत देते हैं। फंगल इन्फेक्शन के कारण पूरा नाखून ही पीला हो जाता है। कई बार पीलिया, थाइरॉएड, मधुमेह और सिरोसिस में भी ऐसा हो सकता है। नाखून पीले व मोटे हैं और धीमी गति से बढ़ रहे हैं तो यह फेफड़े संबंधी रोगों का संकेत हो सकता है।

सफेद नाखून

कई बार नाखूनों पर सफेद धब्बे नजर आते हैं तो कई बार वे पूरे सफेद दिखते हैं। नाखूनों की सफेदी लिवर रोगों के अलावा हृदय व आंत की ओर भी संकेत करती है।

उभरे हुए नाखून

बाहर और आसपास की त्वचा का उभरा होना हृदय समस्याओं के अतिरिक्त फेफड़े व आंतों में सूजन का संकेत देता है।

नीले नाखून

शरीर में ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार से न होने पर नाखूनों का रंग नीला होने लगता है। यह फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया या दिल के रोगों की ओर भी संकेत करता है।

आधे सफेद और आधे गुलाबी नाखून

नाखूनों का रंग अचानक आधा गुलाबी व आधा सफेद दिखाई दे तो ऐसा होना गुर्दे के रोग व सिरोसिस का संकेत देता है।

लाल व जामुनी रंग

नाखूनों का गहरा लाल रंग हाई ब्लड प्रेशर का संकेत देता है, जबकि जामुनी रंग के नाखून लो ब्लड प्रेशर का संकेत देते हैं।

चम्मच की तरह नाखून

खून की कमी के अलावा आनुवंशिक रोग, ट्रॉमा की स्थिति में भी नाखूनों का आकार चम्मच की तरह हो जाता है और नाखून बाहर की ओर मुड़ जाते हैं।

Ashtha Awasthi
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