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आयोग ने कहा-नगर निगम के पास जाओ

भाजपा ने कार्यकर्ताओं के घर में झंडा लगाने की मांगी अनुमति, आयोग ने कहा-नगर निगम के पास जाओभाजपा ने कहा- नगरपालिका अधिनियम के तहत ऐसा कोई नियम-विनियम नहीं
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भोपाल

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Ashok Gautam

•

Updated: 14 Oct 2018, 12:41 PM IST

Coming Soon Election in india

Election commission

भोपाल। भाजपा 21 अक्टूबर को अपना स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं के अपने घर में पार्टी का झंडा-बैनर लगाने का निर्णय लिया है।

पार्टी की निर्वाचन आयोग समिति के प्रदेश संयोजक शांतिलाल लोढ़ा शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव से मिले और कार्यकर्ताओं के आवास पर झंडे लगाने अनुमति मांगी।

इस पर कांताराव ने उनसे कहा कि मकानों में झंडे-बैनर लगाने की अनुमति नगर निगम देता है उसके पास जाएं। इस संबंध में लोढ़ा ने कांताराव के समक्ष यह साफ किया कि नगर निगम के पास राजनीतिक झंडे मकानों पर नहीं लगाने देने को लेकर कोई नियम नहीं है।

प्रदेश में छह अक्टूबर से आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है। ऐसे में चुनाव आयोग ने निजी संपत्ति के विरूपन के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के मुताबिक आयोग ने स्थानीय कानून के बंधन प्रभावी करते हुए कहा है कि झंडे-बैनर लगाने के लिए नगरीय निकाय से इजाजत लेनी होगी।


लोढ़ा ने आयोग को दिए ज्ञापन में कहा है कि मप्र नगरपालिका अधिनियम के तहत ऐसा कोई नियम-विनियम नहीं है, जिसके तहत राजनीतिक दलों के झंडे लगाना प्रतिबंधित किया जा सके।

स्थानीय कानून के तहत सिर्फ व्यवसायिक उपयोग के लिए लगाए जाने वाले बोर्ड, होर्डिंग्स पर व्यवसायिक दर नियम है। इसलिए व्यवसायिक बैनर-पोस्टर या झंडे लगाने के लिए निगम से अनुमति लेना उचित है।

राजनीतिक झंडे लगाने के लिए नहीं। लोढ़ा ने कहा है कि झंडे के लिए स्थानीय निकाय से अनुमति लेने के निर्देश संविधान के अनुच्छेद 14,15,16 का उल्लंघन है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आचार संहिता लागू हो चुकी है। राजधानी समेत अन्य जिलों में सरकारी और गैर सरकारी स्थानों पर राजनीतिक झंडे बिना चुनाव आयोग की अनुमति के नहीं लगा सकते। आचार संहिता के लगने के बाद से राजनीतिक दलों ने द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए दिखा जा सकता है।