बुंदेलखंड में भाजपा से आधे वोट भी नहीं ले पाई कांग्रेस

राहुल के दौरों के बावजूद मंत्री तक नहीं बचा पाए अपना क्षेत्र

By: anil chaudhary

Published: 28 May 2019, 05:22 AM IST

अरुण तिवारी, भोपाल. प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 28 हारने वाली कांग्रेस की हालत बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा खराब है। जबकि, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यहां की चारों सीटों सागर, दमोह, टीकमगढ़ और खजुराहो पर प्रचार करने पहुंचे थे। कांग्रेस यहां भाजपा को मिले वोटों से आधे वोट भी नहीं ले पाई। यहां भाजपा को 2834138 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस को 1334744 वोट ही मिल पाए। इस तरह भाजपा ने कांग्रेस को 1499394 मतों से शिकस्त दी है। पिछले 30 साल में कांग्रेस बुंदेलखंड में एक अदद सांसद के लिए तरस रही है।
- राहुल ने बुंदेलखंड को दिए दो दिन
राहुल गांधी ने बुंदेलखंड से बहुत उम्मीदें लगाई थीं। उन्होंने यहां प्रचार के लिए दो दिन दिए थे। एक दौरे में उन्होंने दमोह, खजुराहो और टीकमगढ़ सीट पर जनसभाएं कीं तो दूसरे दौरे में सागर के बीनागंज में उन्होंने सभा कर लोगों से कांग्रेस के पक्ष में वोट देने की अपील की।
- विधानसभा चुनाव में बेहतर थी स्थिति
बुंदेलखंड में विधानसभा की 32 सीटों में से भाजपा को 20 और कांग्रेस को 10 सीटें मिलीं, जबकि एक-एक सीट सपा और बसपा के खाते में गई। 2013 के मुकाबले ये कांग्रेस के लिए अच्छी स्थिति कही जा सकती है। भाजपा को आठ सीटों का नुकसान उठाना पड़ा, जबकि कांग्रेस को छह सीटों का फायदा हुआ। इस लिहाज ये माना जा रहा था कि बुंदेलखंड कांग्रेस के लिए सुखद परिणाम लेकर आएगा।

- कहां कितने मत मिले
दमोह में भाजपा के प्रहलाद पटेल को 704524 मत मिले जबकि कांग्रेस के प्रताप सिंह लोधी को 340689 मत प्राप्त हुए। सागर में भाजपा के राजबहादुर सिंह को 646231 वोट हासिल हुए। वहीं, कांग्रेस के प्रभु सिंह ठाकुर को 351113 मत प्राप्त हुए। खजुराहो में भाजपा के वीडी शर्मा को 811135 मत मिले जबकि कांग्रेस की कविता सिंह को 318753 मत हासिल हुए। टीकमगढ़ में भाजपा के वीरेंद्र खटीक ने 672248 मत प्राप्त किए। वहीं, उनके सामने कांग्रेस की किरण अहिरवार 334744 वोट प्राप्त कर सकीं।
- मंत्री भी नहीं बचा सके साख
बुंदेलखंड से प्रदेश के तीन मंत्री आते हैं। वाणिज्यकर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और हर्ष यादव के पास महत्त्वपूर्ण महकमे हैं। ये तीनों मंत्री भी अपना-अपना क्षेत्र नहीं बचा सके। छह महीने की सरकार में ये मंत्री अपने काम-काज से जनता के बीच में विश्वास कायम नहीं कर पाए। वहीं, भाजपा में बागियों ने पार्टी उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं फिर भी वे अपना प्रभाव नहीं दिखा पाए।

मोदी लहर के आगे कांग्रेस पत्ते की तरह उड़ गई। एक तरफ नरेंद्र मोदी थे, जिन पर जनता को विश्वास था तो दूसरी तरफ कांग्रेस की भ्रष्टाचारी सरकार थी जो छह महीने में ही जनता में अपना विश्वास खो चुकी है।
- वीडी शर्मा, सांसद, खजुराहो

भाजपा ने ईवीएम के जरिए चुनाव जीता है, भाजपा के खिलाफ पानीपत के युद्ध जैसी लड़ाई लडऩी पड़ेगी।
- गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री, राजस्व एवं परिवहन

 

anil chaudhary Desk
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