कांग्रेस सेवादल ने संघ को बताया राष्ट्रद्रोही, सावरकर को अंग्रेजों का मददगार

राष्ट्रीय प्रशिक्षण कैंप में कार्यकर्ताओं को बांटी संघ से जुड़ी किताब



By: KRISHNAKANT SHUKLA

Updated: 03 Jan 2020, 10:09 AM IST

भोपाल : राजधानी में शुरु हुए कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कैंप ने पहले दिन ही प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। इस शिविर में सेवादल के कार्यकर्ताओं को संघ,भाजपा और वीर सावरकर से जुड़ा साहित्य बांटा गया। जिन दो किताबों पर सियासत का पारा चढ़ा उनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी कुछ तथ्य और कुछ जानकारी और वीर सावरकर कितने वीर शामिल हैं। इन किताबों में आरएसएस को फासिस्ट यानी तानाशाहवादी संगठन बताया गया। इसमें लिखा है कि संघ ने शुरु से ही हिटलर के नाजीवाद और मुसोलिनी के फांसीवाद से प्रेरणा ली है। आरएसएस उनको अपना आदर्श मानता रहा है।

आरएसएस देश के अल्पसंख्यकों को अपने नागरिक अधिकारों से वंचित करना चाहता है। 1940 में हिंदू महासभा के सत्र में सावरकर ने हिटलर की तारीफ की थी। किताब में ये भी उल्लेख है कि सावरकर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के खिलाफ अंग्रेजों को सैन्य सहायता की पेशकश की थी। इस प्रशिक्षण कैंप में सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने कहा कि जो देश के संविधान को नहीं मानता वो राष्ट्रद्रोही है। आरएसएस इस देश के संविधान को न मानकर देश को तोडऩे का काम करता है। देसाई ने कहा कि कार्यकर्ताओं को तथ्यों के जरिए ये बताया जा रहा है कि आएसएस की आजादी के आंदोलन में क्या भूमिका थी। सावरकर ने किस तरह अंग्रेजों के साथ मिलकर देश के खिलाफ काम किया था। इस प्रशिक्षण कैंप में पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव ने भी भाग लिया।

कैंप में शामिल हो सकती हैं प्रियंका गांधी :

दस दिन का ये प्रशिक्षण कैंप 12 जनवरी तक चलेगा। लालजी देसाई ने कहा कि इसमें प्रतिदिन राष्ट्रीय स्तर के नेता कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। सात जनवरी को कांग्रेस की राष्ट्रीय महसचिव प्रियंका गांधी भी इस प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा ले सकती हैं। वहीं कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक और अहमद पटेल भी कैंप में शामिल होने भोपाल आएंगे। देसाई ने कहा कि जब देश में अशांति हो तब हम श्वेत सेवा क्रांति का संदेश लेकर पूरे देश में जाएंगे। वो लेाग देश को तोडऩे की बात करते हैं हम जोडऩे की करेंगे। ये प्रशिक्षित कार्यकर्ता देश में अमन और शांति का पैगाम लेकर जाएंगे।

KRISHNAKANT SHUKLA
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