कांग्रेस ट्रेनिंग देकर खड़ा करेगी अपना कॉडर

उज्जैन के पॉयलेट प्रोजेक्ट को देशभर में लागू करेगी कांग्रेस
आरएसएस—बीजेपी से लिया सबक

कांग्रेस पूरे देश में मैदानी कार्यकर्ताओं के संकट से जूझ रही है। कांग्रेस के पास बड़े नेताओं की तो भरमार है, लेकिन जमीनी कार्यकर्ता नदारद हैं। जो कार्यकर्ता हैं वे सत्ता की चकाचौंध और पॉवर से जुड़े रहने के कारण दिखाई दे रहे हैं। आरएसएस—बीजेपी के कॉडर को देखते हुए कांग्रेस अब अपना मैदानी कार्यकर्ताओं का एक कॉडर खड़ा करने का प्लान तैयार कर रही है। इसका पॉयलेट प्रोजेक्ट उज्जैन जिले के मुंजाखेड़ी में किया गया था। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की रीति—नीति से अवगत कराने के साथ पार्टी का गौरवशाली इतिहास से भी रुबरु कराया गया। इस ट्रेनिंग से निकले कार्यकर्ता मानसिक रुप से इतने प्रबल हो गए कि वे टीवी डिबेट से लेकर सार्वजनिक बहस और लोगों को कांग्रेस की खुबी बताने में प्रभावी दिखे। इस पॉयलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए आॅल इंडिया कांग्रेस कमेटी अब इसे पूरे देश में लागू करने जा रही है।

भाजपा को वैचारिक मुदृदों पर चुनौती देने की तैयारी
मध्यप्रदेश में सत्ता के बदलाव के साथ ही अब बीजेपी के संगठन के मुकाबले कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत बनाने का काम शुरू कर दिया है। पार्टी भाजपा के प्रवक्ताओं और कार्यकर्ताओं को वैचारिक मुदृदों पर चुनौती देने के लिए अपना कॉडर तैयार करने की तैयारी में लग गई है। पार्टी ने हाल ही में उज्जैन के मुंजाखेड़ी के ग्रासरूट ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं को खास ट्रेनिंग देने का काम किया।

एक हफ्ते चले कांग्रेस के गोपनीय ट्रेनिंग कार्यक्रम में पार्टी से जुड़ने वाले युवाओं को संगठन की बारीकियां समझाने के साथ ही भारतीय संविधान, कांग्रेस के इतिहास और पार्टी अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। एआईसीसी के इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के युवाओं को बुलाया गया था।

प्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पहले भी ट्रेनिंग कार्यक्रम संचालित हो रहे थे। लेकिन अब लगातार ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस कार्यक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि इस तरह के ट्रेनिंग कार्यक्रमों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। देशभर के युवाओं को कांग्रेस की विचारधारा बताने के लिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे।

संघ के चरित्र और कांग्रेस की सोच में अंतर

इधर, कांग्रेस पार्टी के आरएसएस और बीजेपी की तर्ज पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने को लेकर विपक्षी दल भाजपा ने टीका-टिप्पणी शुरू कर दी है। बीजेपी नेता इस योजना को लेकर कांग्रेस पर तंज कस रहे हैं। बीजेपी विधायक विश्वास सारंग के मुताबिक संघ के चरित्र और कांग्रेस की सोच में बड़ा अंतर है। कांग्रेस के विचारों से आज कोई भी प्रभावित नहीं होने वाला है।

मध्यप्रदेश पार्टी की पाठशाला के लिए अनुकूल

2018 के विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों में मजबूत हुई कांग्रेस पार्टी के लिए अब मध्यप्रदेश पार्टी की पाठशाला लगाने के लिए अनुकूल हो गया है। एआईसीसी ने इसकी शुरुआत उज्जैन के मुंजाखेड़ी में पार्टी के बड़े ट्रेनिंग कार्यक्रम के साथ कर दी है। अब पार्टी की कोशिश की है कि कांग्रेस से जुड़े संगठनों एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, सेवा दल, महिला कांग्रेस समेत दूसरे संगठनों के ट्रेनिंग कार्यक्रम प्रदेश में आयोजित किए जाएं। इसके लिए उन स्थानों को चुना जा रहा है जो पार्टी की गतिविधियों के लिए अनुकूल हैं, ताकि संघ की तर्ज पर कांग्रेस से जुड़े संगठनों का विस्तार और पार्टी की विचारधारा को मजबूती दी जा सके।

harish divekar
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