कंजर्वेटर बोले टाइगर नहीं हाइना दौड़ा था समीर के पीछे

कंजर्वेटर बोले टाइगर नहीं हाइना दौड़ा था समीर के पीछे
कंजर्वेटर बोले टाइगर नहीं हाइना दौड़ा था समीर के पीछे

Rohit Prasad Verma | Updated: 11 Oct 2019, 11:29:48 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

टाइगर मूवमेंट एरिया में चेतावनी बोर्ड नहीं होने से कभी भी हो सकता है हादसा

भोपाल. राजधानी स्थित समरधा रेंज में टाइगर मूवमेंट वाले क्षेत्र में लगे चेतावनी बोर्ड को नष्ट किए जाने से मानव और वन्यजीवों में टकराव की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में यहां कभी भी हादसा हो सकता है। पूर्व में एक व्यक्ति पर वन्यजीव ने हमला कर उसका दूर तक पीछा भी किया था। इससे इस क्षेत्र में स्थित शिक्षण संस्थानों के स्टूडेंट्स और उनके पेरेन्ट्स भी चिंतित रहते हैं।

नई सड़क बन जाने से इस क्षेत्र में प्रेमी युगल व मौज-मस्ती करने वाले भी देर रात तक बेरोक-टोक घूमते रहते हैं। वहीं बावड़ी के पास शासकीय जमीन पर टपरा बनाकर दुकान संचालित किए जाने से यहां दिन-रात आवागमन बढ़ गया है।

 

समरधा फॉरेस्ट रेंज के तहत आने वाले शहर से सटे केरवा-कलियासोत फॉरेस्ट एरिया में डेढ़ दर्जन टाइगर मूवमेंट कर रहे हैं। चंदनपुरा क्षेत्र में टाइगर कॉरिडोर भी है। पूर्व में टाइगर मूवमेंट की जानकारी देते यहां कई बोर्ड वन विभाग ने लगाए हुए थे, लेकिन नई सड़क बनने के दौरान ये बोर्ड नष्ट कर दिए गए। कुछ बोर्ड विकृत कर दिए गए तो कुछ पर सूचना ही बदल दी गई। बाघ भ्रमण क्षेत्र में टाइगर की मौजूदगी की चेतावनी के स्थान पर दूसरे बोर्ड लगा दिए गए हैं।

कलियासोत डैम पर तेरह शटर के पास टाइगर मूवमेंट बोर्ड नष्ट कर निजी यूनिवर्सिटी के बोर्ड डिस्प्ले किए गए हैं। इसी तरह अन्य प्रतिष्ठानों के बोर्ड टाइगर मूवमेंट बोर्ड के स्थान पर लगाए गए हैं। टाइगर मूवमेंट बोर्ड हटने से नई रोड से गुजरने वाले लोग टाइगर मूवमेंट नहीं समझ पाते, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।

 

हले भी दौड़ा चुका है टाइगर
पूर्व में रात के समय समीर नाम का व्यक्ति टाइगर मूवमेंट बोर्ड न होने से भटककर निजी यूनिवर्सिटी गेट पर जा पहुंचा था। उसने बताया था कि जब वह रातीबड़ की ओर जाने लगा, तभी एक धारीदार जानवर ने उस पर हमला किया था। जानवर को देखते ही वह गाड़ी 13 शटर की ओर दौड़ा दी थी।

जानवर ने काफी दूर तक पीछा किया। इसे टाइगर समझा गया,सूचना पर वनाधिकारियों ने मौके पर तुरंत टीम को रवाना किया। स्थानीय लोगों ने उस समय टाइगर मूवमेंट देखा था। बाद में वन अधिकारियों ने हाइना बताकर इस मामले को भुला दिया था।

टाइगर मूवमेंट के बोर्ड विकृत और नष्ट करने का मामला संज्ञान में आया है। विभाग ने दोबारा टाइगर मूवमेंट के बोर्ड लगाए थे, इन्हें फिर से अवांछित तत्वों ने नष्ट कर दिया है। वन विभाग का अमला गश्त करता है। पुलिस को भी ध्यान देना चाहिए और लोगों को भी सहयोग करना चाहिए।
हरिशंकर मिश्रा, डीएफओ

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