कोरोना की मार; मध्यप्रदेश में 550 से ज्यादा स्कूलों में डले ताले

निजी स्कूल नहीं लगाएं ऑनलाइन कक्षाएं, अभिभावकों को भेजे मैसेज

भोपाल. कोरोना से शिक्षा जगत त्रस्त है। मंदी की मार से मध्यप्रदेश में 550 से ज्यादा स्कूल बंद हो गए हैं। अकेले इंदौर में 400 स्कूलों पर ताले डल गए हैं। ऐसे ही राजधानी भोपाल में 110, ग्वालियर में 26, उज्जैन में 20 और रतलाम में 3 निजी स्कूल बंद हो गए हैं।
इसे लेकर एमपी बोर्ड प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन के गोपाल सोनी ने बताया कि स्कूल संचालक मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। भवन किराया और स्टाफ का वेतन ही नहीं निकल रहा है। ऐसे में अधिक एडमिशन नहीं होने और फीस वसूली कम होने पर स्कूल बंद हो रहे हैं। जल्द हालात नहीं सुधरे तो स्थिति और विकट होगी।
इंदौर के नावदा में स्कूल का संचालन करने वाली वैशाली शिंदे ने बताया, हमने न्यू डीपीएस स्कूल शुरू किया था, लेकिन पिछले साल बंद करना पड़ा। एक ओर एडमिशन नहीं होना और आरटीई की राशि समय पर नहीं मिलना कारण रहा। ऐसे ही रणजीत रोड पर प्ले स्कूल का संचालन करने वाली नेहा ने बताया, तीन साल पहले स्कूल शुरू किया था। कोरोना काल के चलते बच्चे नहीं आने से स्कूल बंद करना पड़ा। जो निवेश किया था उसका भी नुकसान हुआ।

स्कूली शिक्षा ज्यादा प्रभावित हुई
सोसाइटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स के डॉ. आशीष चटर्जी ने बताया कि विगत 18 माह से कोरोना महामारी से पूरा विश्व जूझ रहा है। इस महामारी के कारण सभी व्यवसायिक क्षेत्र प्रभावित हुए है, लेकिन स्कूली शिक्षा सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। प्राइवेट स्कूल द्वारा ऑनलाइन शिक्षण का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया, जो बच्चों के लिए लाभकारी रहा। लेकिन विगत 16 माह से बच्चे स्कूल आकर शिक्षा लेने से वंचित है, ऐसे में शिक्षा के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक विकास भी अवरूद्ध हो रहा है। बच्चे, अकेले अथवा पालकों के साथ बाजार, शादी, माल, पिकनिक आदि में भ्रमण के लिए तो जा रहे हैं, लेकिन बच्चों के स्कू ल जाने पर रोक लगी है। हमारी मांग है कि स्कूल खोले जाएं।

आज नहीं लगेंगी ऑनलाइन क्लास
स्कूल खोले जाने, ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फीस लेने, स्कूलों को आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए सोमवार को निजी स्कूलों का सांकेतिक बंद रहेगा। इस दौरान स्कूल बंद रहेंगे। ऑनलाइन कक्षाएं भी नहीं लगेंगी। इस संबंध में परिजनों को मैसेज भेजे गए हैं।

रविकांत दीक्षित
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