स्वास्थ्य विभाग बता रहा कोरोना से 5 मौत जबकि अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे 11 शव

भदभदा विश्राम घाट और झदा कब्रिस्तान में अब तक 750 कोरोना मृतकों का हुआ अंतिम संस्कार

भोपाल। राजधानी में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढता जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन इसकी जानकारी छिपाने में लगा हुआ है। शासन द्वारा जारी किया जाने वाला हैल्थ बुलेटिन पिछले पांच दिन से जहां केवल 5-5 कोरोना मरीजों की मौत बता रहा है वहीं विश्रामघाट के आंकड़े कुछ और ही बता रहे हैं। भदभदा विश्राम घाट पर शुक्रवार को 15 मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ। इनमें से 9 कोरोना मरीज थे। वहीं गुरूवार को भी यहां पर 17 कोविड मरीजों का अंतिम संस्कार हुआ था। अब तक यहां 500 से अधिक कोरोना के मरीजों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इसके अलावा झदा कब्रिस्तान में भी 250 कोरोना के मृतक दफन किए गए हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक भोपाल में केवल 349 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। हालांकि अन्य जिलों के कोरोना मरीज भी बड़ी संख्या में भोपाल के अस्पतालों में भर्ती हैं। इनकी मौत होने पर कोविड प्रोटोकोल के अनुसार उनका अंतिम संस्कार भी भोपाल में ही किया जाता है। इसके लिए फंड की व्यवस्था नहीं होने पर अब विश्राम घाट की व्यवस्थाएं भी गड़बड़ाने लगी हैं।

गौरतलब है कि कोविड मरीजों के अंतिम संस्कार के लिए राजधानी में भदभदा और सुभाष नगर विश्राम घाट पर व्यवस्था की गई है। कोविड सेंटरों से चूंकि भदभदा विश्राम घाट सबसे पास पड़ता है इसएि यहां सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों के अंतिम संस्कार हो रहे हैं। विश्राम घाट के सचिव ममतेश शर्मा ने बताया कि अब तक कोरोना के लगभग 500 मृतकों का अंतिम संस्कार यहां किया जा चुका है। फिलहाल सबसे ज्यादा दिक्कत फंड को लेकर आ रही है क्योंकि कोरोना के मृतकों के अंतिम संस्कार में जटिल प्रक्रिया का पालन करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के बाद भी काफी कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। इससे अनावश्यक खर्च भी बढ़ता है।

कब्रिस्तान में भी दफन हुए 250 कोरोना के मृतक
झदा कब्रिस्तान प्रबंधन के मुताबिक अब तक 250 कोविड के संदिग्ध और पॉजीटिव मरीजों की मृत्यु के बाद दफनाया गया। पिछले एक हफ्ते में 9 कोविड संदिग्ध और पॉजीटिव शवों को दफनाया गया। 13 सितंबर को दो मामले थे। 14 को 2 मामले थे। 15 सितम्बर एक शव कोविड पॉजीटिव आया।

16 सितंबर को दो शव दफनाए गए। इनमें एक पॉजीटिव और एक संदिग्ध था। हमीदिया और चिरायु से इन्हें भेजा गया था। 17 सितंबर को कोई मामला नहीं आया। 18 सितंबर को दो कोविड के शव दफनाए गए।

सुनील मिश्रा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned