अब आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश : इंदौर-भोपाल इंडस्ट्रियल कॉरीडोर पर हो काम, खुलेगा नए विकास का द्वार

- शिवराज ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए किया मंथन


jitendra [email protected] भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इंदौर-भोपाल इंडस्ट्रियल कॉरीडोर को विकसित किया जाए। यह कॉरीडोर प्रदेश में विकास के नए रास्ते खोल सकता है। इसलिए इस कॉरीडोर के विकास का नया रोडमैप तैयार किया जाए।
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यह बात उन्होंने गुरुवार को राज्य मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के कांसेप्ट पर काम करने के लिए उद्योग व संबंधित विभागों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के क्षेत्र में तेज गति से विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। हमारा उद्देश्य प्रदेश के विकास के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है, ताकि मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर बन सके। इसके लिए इंदौर-भोपाल इंडस्ट्रियल कॉरीडोर को विकसित करने में पूरी ताकत लगाई जाए। प्रदेश में इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी विकसित की जाएं। औद्योगिक अधोसंरचना का अधिक से अधिक विकास किया जाए।
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चार टैक्सटाइल पार्क पर फोकस-
बैठक में मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 04 टैक्सटाइल पार्क पर चर्चा हुई। इसमें पार्क को तेजी से विकसित करना तय कियागया। इंदौर में 45 करोड़ की लागत से, अचारपुरा भोपाल में 49.08 करोड़ की लागत से, लहगादुआ छिंदवाड़ा में 34.24 करोड़ की लागत और जावरा रतलाम में 41.18 करोड़ की लागत से टैक्सटाइल पार्क प्रस्तावित हैं। इसके अलावा मुहासा बाबई में 158 करोड़ रूपए की लागत से फार्माक्युटिकल पार्क प्रस्तावित है।
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इंदौर-भोपाल-जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी बढ़ेगी-
शिवराज ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए यह आवश्यक है कि मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाई जाए। सबसे पहले इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी बढ़ाई जाए। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि अभी मध्यप्रदेश में हवाई जहाजों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्हें ठीक कराने के लिए बाहर भेजा जाता है। मध्यप्रदेश में इंटीग्रेटेड एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाने की दिशा में काम किया जाए।
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मिनरल-गैस के क्षेत्र पर फोकस-
शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में मिनरल व गैस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इसलिए इस संबंध में कार्ययोजना बनाई जाए। मध्यप्रदेश में कोयला व बॉक्साइट के प्रचुर मात्रा में भंडार हैं। निवेशकों को इस क्षेत्र में आमंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा डिफेंस को लेकर भी निवेश करने के प्रयास किए गए हैं।
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वेनेडियम पर होगा काम-
प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। ऊर्जा क्षेत्र में आने वाले निवेशकों के लिए राज्य में स्पेशल क्लीयरेंस सिस्टम भी बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि वेनेडियम एक ऐसा तत्व है, जिससे बिजली को अधिक समय तक संग्रहीत रख सकता है। ऊर्जा क्षेत्र में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। सीएम ने इस पर काम करने के निर्देश दिए।
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जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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