रणनीति बदलते ही कोरोना रिटर्न, राजभवन सबसे बड़ा उदाहरण, कंटेनमेंट क्षेत्र न मरीज को लेकर बची गंभीरता

- रिपोर्ट आने के बाद भी हल्के में ले रहे हैं अफसर, इसी का परिणाम है कि कई क्षेत्र फिर से बन रहे हॉटस्पॉट

भोपाल. कोरोना को लेकर बदली रणनीति से कई क्षेत्रों में अब कोरोना रिटर्न की स्थिति बनती जा रही है। राजभवन को लेकर15 दिन पहले अधिकारी निश्चिंत थे कि अब यहां कोरोना का कोई केस नहीं है। कुछ दिन पहले राजभवन में सामने आए कोरोना केस को हल्के में ले लिया गया। सिर्फ मरीज को हटाने के बाद न तो फस्र्ट कॉन्टेक्ट पर गंभीरता दिखाई, न कंटेनमेंट के नियमों का पालन कराया गया। नतीजा यहां कोरोना के मरीज बढ़ते चले गए। जबकि पहले की रणनीति में कोरोना पेशेंट को अलग करने के बाद उसके परिवार, फस्र्ट कॉन्टेक्ट के लोगों को धर्मशाला, क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाता था। घर को खाली का उसे सैनिटाइज किया जाता था। हटाए गए लोगों की रिपोर्ट के बाद एक और रिपोर्ट निगेटिव नहीं आती थी तब तक उनको कॉलोनी या मौहल्ले में आने नहीं दिया जाता था।

बदली रणनीति में अब तो कोरोना पेशेंट को हल्के में लिया जा रहा है। अमला भी आराम से पेशेंट को लेने आता है। पहले आधे लोग तो क्वारेंटाइन सेंटरों में ही रहते थे, रिपोर्ट आने के बाद उनसे संक्रमण कम फैलता था। अब ये स्थिति खत्म हो गई है। रिपोर्ट आने के बाद सिर्फ मरीज को घर से ले जाते हैं, घर के बाहर एक बैरीकेटस लगाकर बिना बैनर और बोर्ड लगाए उसे कंटेनमेंट घोषित कर दिया जाता है। बाहर पड़ौसी घरों में ताक-झांक कर कोरोना अपडेट लेने की कोशिश करते हैं। घर के लोगों को भी घर में आईसोलेट के नाम पर रोक देते हैं। फस्र्ट कॉन्टेक्ट तो अब दूर की बात हो गई है।

इन क्षेत्रों में बन रहे छोटे कंटेनमेंट, रिपीट हो रहा कोरोना
प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार शाहजांनाबाद सर्किल में पिछले 14 जून से लगातार कंटेनमेंट बनए जा रहे हैं। 16 जून को छोड़कर यहां बाकी दिनों में एक नहीं कई छोटे-छोटे कंटेनमेंट अलग-अलग क्षेत्रों में बनते चले आ रहे हैं। खानापूर्ति के नियमों का पालन करने से इस सर्किल में कोरोना लौटा है। इसी प्रकार टीलाजमालपुरा, पिपलानी, कमलानगर, बजरिया, टीटी नगर में कोरोना ने फिर से दस्तक दी है। इन क्षेत्रों में लगातार मूवमेंट बढऩा और प्रशासनिक लापरवाही ही सबसे बड़ा कारण बन रही है।

ये है कंटेनमेंट की स्थिति

बाणगंगा के पास विधायक आवास को कंटेनमेंट बनाया गया है। सिर्फ बाहर ही बैरीकेट्स लगाए गए। इसके अलावा यहां न तो कोई रोक-टोक करने वाला न पहले जैसे सन्नाटे की स्थिति। कुछ दिन पहले न्यू मार्केट में एक व्यापारी की रिपोर्ट के बाद उसकी दुकान के साथ बराबर की एक-एक दुकान को ही कंटेनमेंट बनाया। दूसरी दुकान से बाजार खुला था। यहां न सैनिटाइजेशन कराया गया न कुछ हुआ। जबकि चंद दिनों पहले ही एक कंटेनमेंट के माध्यम से 30 हजार लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाता था। सड़क, पुल, पुलिया तक को सील किया गया।

वर्जन
कंटेनमेंट क्षेत्रों में सख्ती की जा रही है, मरीज और फस्र्ट कॉन्टेक्ट को ट्रेस किया जा रहा है। अमला भी पहले की तरह फील्ड में मौजूद है।

अविनाश लवानिया, कलेक्टर

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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