मनी लॉन्ड्रिंग मामला : ईडी ने जताई आशंका, भाग सकते हैं विदेश, जब्त हो पासपोर्ट

बर्खास्त आइएएस जोशी दंपत्ति सहित के खिलाफ जमानती वारंट

By: सुनील मिश्रा

Published: 20 Jul 2018, 09:18 AM IST

भोपाल. करीब 42 करोड़ रूपये के Money laundering मामले में जिला अदालत से बर्खास्त आइएएस टीनू-अरविंद जोशी, उनके माता-पिता सहित 5 व्यावसायिक सहयोगियों के खिलाफ 50-50 हजार रूपये के जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिये गये हैं।

भ्रष्टाचार-मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश आलोक अवस्थी ने गुरूवार को यह आदेश दिये। जोशी दंपति के जमानती वारंटों पर आगामी पेशी पर हाजिर रहकर पासपोर्ट अदालत में जमा कराने की टीप लगाई गई है।

मामले में अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी। भारत सरकार के डायरेक्टर ऑफ इंफोर्समेंट विभाग ने मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत संज्ञान लेकर आइएएस दंपत्ति और उनके व्यावसायिक सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा लगाया गया है। अदालत ने मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार होने से सभी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिये हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान संचालक परिवर्तन निदेशालय की ओर से वकील एसके मेनन ने बताया कि जोशी दंपति ने 41 करोड़ 87 लाख से ज्यादा की संपत्ति आइएएस रहते भ्रष्टाचार कर कमाई है। भ्रष्टाचार से कमाये गये काले धन को अवैध तरीके से व्यावसायिक सहयोगियों के जरिये सफेद करने का प्रयास किया गया है।

 

जोशी दंपति के निवास से 3 करोड़ 3 लाख रूपये बरामद हुए थे। उसका कोई संतोषजनक जवाब दोनों नहीं दे पाये हैं। व्यावसायिक सहयोगियों के जरिये कालेधन को सफेद करने के लिए विभिन्न दस्तावेज बनाये गये हैं। विभाग ने अरविंद जोशी के पिता एचएम जोशी, मां निर्मला जोशी, अरेरा कॉलोनी ई-5 स्थित इथियोस एक्सपोर्ट प्रायवेट लिमिटेड, एसपी कोहली, आभा गनी जोशी, सीमा जयसवाल और सीमांत कोहली के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्यवाही को लेकर मुकदमा लगाया है।

केरवा कोठी मामला: अदालत ने तलब की डोमेस्टिक वॉयलेंस रिपोर्ट केरवा कोठी में मां के प्रवेश पर रोक और घरेलू हिंसा को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के खिलाफ दायर मामले में अदालत ने डोमेस्टिक वायलेंस रिपोर्ट तलब करने के आदेश दिये हैं। मजिस्ट्रेट गौरव प्रज्ञानन ने मामले की सुनवाई के बाद गुरूवार को यह आदेश दिये हैं। अगली सुनवाई के लिए 2 अगस्त की तारीख तय की गई है।

नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ मां सरोज सिंह ने घरेलू हिंसा का मुकदमा दायर किया था। गुरूवार को अजय सिंह की ओर से वकील विनीत गोधा और भाई अभिमन्यु सिंह की ओर से वकील सैयद साजिद अली ने वकालतनामा पेश किया। सरोज सिंह अदालत नहीं पहुंची। उनकी ओर से वकील दीपेश जोशी ने मामले में अंतरिम राहत देते हुए केरवा कोठी में सरोज सिंह के बेरोक-टोक प्रवेश से संबंधित आदेश देने की मांग की।

हालांकि अदालत ने पहले डोमेस्टिक वॉयलेंस रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिये हैं। सरोज सिंह दिल्ली में रहती हैं। इसलिए महिला बाल विकास विभाग दिल्ली की परियोजना अधिकारी को सरोज सिंह के साथ हुई घरेलू हिंसा के संबंध में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये गये हैं।

सुनील मिश्रा
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