अवैध रूप से सोनोग्राफी करने वाले डॉक्टर को एक साल की कैद

अदालत ने सुनाया फैसला

अवैध रूप से सोनोग्राफी करने वाले डीआइजी बंगला स्थित केयर अस्पताल एवं मेटरनिटी सेंटर के डॉक्टर अनिल तिवारी को अदालत ने एक साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन पंजीकरण की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद भी मशीन के अवैध उपयोग को लेकर डॉ अनिल तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राकेश पाटीदार ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है। सरकारी वकील योगेश तिवारी ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर सीएमओ भोपाल की टीम ने 23 अप्रैल 2014 को अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन पंजीकरण की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद भी उपयोग में लाई जा रही थी।

इससे प्रतिदिन सोनोग्राफी की जा रही थी और रिपोर्टें जारी की जा रही थी। इसे लेकर विभाग की ओर से डॉ अनिल तिवारी के खिलाफ निजी इस्तगासा दायर किया गया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान डॉ तिवारी से भी उनका पक्ष जाना। लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया है।

 

 

हमलावर को 7 साल की कैद

केन्द्रीय जेल में बंदी पर सब्जी काटने वाले चाकू से हमला करने वाले सु़यियार सिंह को अदालत ने 7 साल के सश्रम कारावास-7 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार वर्मा ने यह फैसला सुनाया है। मामला गांधी नगर थाने का है। सुयियार सिंह को आजीवन कारावास के बाद बरेली जेल से भोपाल केन्द्रीय जेल भेजा गया था।

सुयियार ने 27 दिसंबर 17 को केन्द्रीय जेल में गेहूं के गोदाम के पास मामूली विवाद में अन्य बन्दी मोदक सिंह पर सब्जी काटने वाले चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। इससे वह घायल हो गया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रकरण अदालत में पेश किया था। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद बुधवार को आदेश जारी किया।

 

 

सुनील मिश्रा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned