रस्सी से घला घोंटकर काटे थे सिर-हाथ-पैर काटने वाले को जीवन पर्यंत कैद की सजा

अदालत ने सुनाया फैसला

भोपाल। पैसों के लेन देन संबंधी विवाद में जघन्य हत्या के एक मामले में अदालत ने मोहम्मद नवेद निवासी ऐशबाग को जीवन पर्यन्त उम्र कैद की सजा सुनाई है। लेन देन के विवाद में नवेद ने पहले रस्सी से गला घोंटकर हत्या की फिर बके से सिर, धड, हाथ, पैर काटकर बोरी में बांध कर मोतिया तालाब- पातरा नाले में फेंक दिए थे। बाद में खुद ही थाने पहुंच गया था।

अन्तिम सांस तक जेल में रहेगा
मोहम्मद नवेद अब अन्तिम सांस तक जेल में रहेगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंन्द्र कुमार वर्मा ने यह फैसला सुनाया। मामला ऐशबाग थाने का है। सरकारी वकील टीपी गौतम ने बताया कि नवेद के जीजा और मृतक अजीम प्रॉपर्टी का काम करते थे। अजीम ने नवेद के जीजा से 6 लाख रूपये उधार लिए थे, जिसमें से 3 लाख लौटा दिए थे। नवेद सौदे में मध्यस्थता कर रहा था।

रस्सी से गला दबा दिया
पैसे वापस मांगने के लिए नवेद ने 15 अगस्त 2017 को अजीम को खुद के अहमद अली कॉलोनी ऐशबाग स्थित घर पर बुलाया। सोफे पर बैठे अजीम का धोखे से रस्सी से गला दबा दिया। फिर बके से अजीम का सिर, धड, हाथ, पैर काट दिए। बोरी में रखकर सिर मोतिया तालाब में फेंका वहीं हाथ पातरा नाले में फेंके थे।

अपनी करनी की सजा अदालत ने दी
दूसरे दिन सुबह नवेद खुद थाने पहुंचा और घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने सभी पक्षों केा सुनने के बाद सोमवार को इस मामले में अपना फैसला सुना दिया। अब मोहम्मद नवेद जीवन भर जेल में ही गुजारेगा। उसे अपनी करनी की सजा अदालत ने दी है।

गवाह हुए पक्ष द्रोही
मामले में खास बात यह रही कि घटना स्थल नवेद का घर होने से ज्यादातर गवाह नवेद के परिजन और पडोसी थे। अदालत में गवाह पुलिस को दिए बयान से पलट गए। अदालत ने नगर निगम के सफाई कर्मी, पुलिसकर्मी और परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर फैसला सुनाया।

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सुनील मिश्रा
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