कोर्ट ने चेताया, कानून का पालन करे ईओडब्ल्यू

ईओडब्ल्यू ने मध्यप्रदेश बीज विकास निगम में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में अदालत में चालान पेश कर दिया।

By: योगेंद्र Sen

Published: 04 Jan 2018, 10:06 AM IST

भोपाल। ईओडब्ल्यू ने बुधवार को मध्यप्रदेश बीज विकास निगम में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के अलग-अलग मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के बिना ही अदालत में चालान पेश कर दिया। कोर्ट ने इस पर तल्ख टिप्पणी कर ईओडब्ल्यू के अधिकारियों को कानून का पालन करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि अजमानतीय अपराधों में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चालान पेश करना आदेशात्मक है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ऐसे में भविष्य में सुस्थापित कानून के सिद्धांतों का पालन करना जांच एजेंसियों को जरूरी है। विशेष सत्र न्यायाधीश ईओडब्ल्यू काशीनाथ सिंह ने बुधवार को यह आदेश दिए। बीज निगम में हुए घोटाले के मामले में वैज्ञानिक अधिकारी अनुराग मिश्रा ईओडब्ल्यू की सूचना पर कोर्ट पहुंच गए। अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर अनुराग मिश्रा को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

मप्र राज्य बीज विकास निगम में सहकारी संस्थाओं से अमानक बीज खरीदकर किसानों को बेचने में हुए घोटाले में ईओडब्ल्यू ने निगम के तत्कालीन सहायक प्रबंधक अमरसिंह चौहान, वैज्ञानिक अधिकारी अनुराग मिश्रा, मेसर्स नर्मदा सहकारी संस्था बाबई के शैलेश सिंह और मेसर्स प्रगतिशील सहकारी संस्था कुरवई के संचालक आशुतोष शर्मा के खिलाफ जिला अदालत में चालान पेश किया। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बीज निगम के अमर सिंह चौहान और उनकी पत्नी सरोजिनी सिंह चौहान के खिलाफ चालान पेश किया गया। ईओडब्ल्यू ने दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए।

जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र उपाध्याय और ईओडब्ल्यू के वकील रामकुमार खत्री ने बताया कि ईओडब्ल्यू ने दो मुकदमे दर्ज किए थे। राज्य बीज विकास निगम के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से वर्ष 2002 के दौरान संस्थाओं से अमानक बीज खरीदकर किसानों को बेचा गया था। इससे शासन को करीब 3 करोड़ 4 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। तत्कालीन अधिकारियोंं ने अमानक बीज की राशि संस्थाओं को वितरित कर दी थी। जांच में बीज अमानक पाया गया था। इसके अलावा बीज निगम के तत्कालीन सहायक प्रबंधक अमर सिंह चौहान और उनकी पत्नी सरोजिनी सिंह चौहान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। जांच में दोनों पति-पत्नी के खिलाफ करोड़ों रुपए की आय से अधिक संपत्ति पाई गई है। अमर सिंह चौहान ने परिजनों के नाम पर मकान, जमीन, बैंक बैलेंस इत्यादि भ्रष्टाचार कर अर्जित किए थे।

योगेंद्र Sen Reporting
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