देरी से बारिश का मुकाबला करेंगी कम समय में तैयार होने वाली फसलें

- कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को दे रहे हैं कम समय में तैयार होने वाली फसलें बोने की सलाह

- धान, मक्का की करीब 30 फीसदी बोवनी नहीं हो पाई

By: Ashok gautam

Published: 30 Jul 2021, 09:59 PM IST


भोपाल। देरी से बारिश होने का मुकाबला अब कम समय में तैयार होने वाली फसलें करेंगी। प्रदेश में धान, उड़द, मूंग, मक्का सहित अन्य फसलों की कई किस्मों के बीज बाजार में आ गए हैं, ये फसलें निर्धारित समय से लगभग एक माह पहले तैयार हो जाती हैं। कृषि विभाग के अधिकारी इस वर्ष किसानों को इस तरह की फसल बोने की सलाह भी दे रहे हैं। जिससे अगर बारिश सितम्बर में समाप्त हो जाए तो फसले पकने में दिक्कत नहीं हो।
इस वर्ष प्री मानसून जून में पहले आ गया था। लेकिन बराबर बारिश नहीं होने से किसान अभी तक पूरी तरह से बोवनी नहीं कर पाएं हैं। सबसे ज्यादा धान और मक्का की बोवनी पिछड़ गई है। बाताया जाता है कि धान, मक्का की करीब 30 फीसदी बोवनी नहीं हो पाई है।

बारिश होने के बाद किसान अब धान की बोवनी कर रहे हैं। इसके चलते कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को 80-90 दिन में तैयार होने वाली धान और 90-100 दिन में तैयार होने वाले मक्के की खेती करने की सलाह दे रहे हैं।


सोयाबीन के बेहतर उत्पादन के संकेत
वर्तमान में रिमझिम बारिश होने से इस वर्ष सोयाबीन की बेहतर खेती के संकेत हैं। पिछले एक हफ्ते से हो रही बारिश सोयाबीन और धान के लिए भी बेहतर बताई जा रही है। हालांकि वहीं धान के रोपा के लिए भी ये बारिश अच्छी मानी जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को ज्यादा से ज्यादा रोपा लगाने के भी सलाह दे रहे हैं। इसके लिए किसानों को पौधरोपण की तर्ज पर रोपणियां तैयार करने के लिए भी कहा है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण और उन्नत किस्म के धान के बीज भी उपलब्ध कराए गए हैं।

Ashok gautam
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned