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आपके साथ चालाकी, बिजली सस्ती होते-होते, हो गई महंगी

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- एफसीए में एक पैसे की कमी भी नहीं आई काम, दर वृद्धि व ट्रूअप प्लान से लगा झटका
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भोपाल

Updated: April 03, 2022 09:21:40 pm



भोपाल। प्रदेश में इस बार अप्रैल से बिजली को सस्ता होना था, लेकिन उलटे बिजली महंगी हो गई। दरअसल, कोयले की कीमतों व ईंधन की खपत में कमी के कारण फ्यूल कास्ट एडजेस्टमेंट (एफसीए) में एक पैसे प्रति यूनिट की कमी आई है। इससे बिजली इतनी ही सस्ती होना थी, लेकिन उलटे सालाना दर वृद्धि और ट्रूअप प्लान की चालाकियों से महंगी हो गई। यदि एक पैसे प्रति यूनिट एफसीए के तहत बिजली सस्ती हो जाती तो 400 करोड़ रुपए का बोझ कम होता। लेकिन, अब इसका असर नहीं दिखेगा।
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क्या है एफसीए-
फ्यूल कास्ट एडजेस्टमेंट यानी एफसीए के तहत हर तीन महीने में बिजली की दरों को रिफार्म किया जाता है। बाजार में कोयले सहित अन्य ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर दर में कीमत घटाई-बढ़ाई जाती है। इसके तहत अप्रैल से जून 2022 तक के लिए एक पैसे प्रति यूनिट कम करना तय किया गया था। बिजली कंपनिायों ने इसके तहत कमी को लागू भी किया है, लेकिन दर वृद्धि के इजाफे ने इस कमी को बेअसर कर दिया है।
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ऐसा है पैसे का गणित-
एफसीए में एक पैसे की कमी या बढ़ोत्तरी औसत 400 करोड़ रुपए की घट-बढ़ के रूप में असर दिखाती है। यह सालाना आमदनी पर असर डालती है। इस कारण हर तीन महीने में बिजली कंपनियां सामान्य तौर पर दो से चार पैसे की बढ़ोत्तरी करती है। लेकिन, कभी-कभार ही होता है कि इसमें कमी हो। यह तिमाही दर बिजली कंपनियों को काफी अतिरिक्त फायदा देती है। घाटा कवर करने में भी यह मददगार होती है।
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अब लोड फैक्टर पड़ेगा भारी-
बिजली दर वृद्धि के बाद अब उपभोक्ताओं पर लोड फैक्टर भारी पड़ेगा। इसमें सबसे ज्यादा असर घरेलू उपभोक्ता पर होना है। वजह ये कि घरेलू उपभोक्ताओं की दर सबसे ज्यादा 3.3 फीसदी बढ़ाई गई है। इसके तहत अधिकतर उपभोक्ता का लोड निश्चित श्रेणी को पार कर सकता है। इसकी एक बड़ी वजह गर्मी आना भी है। गर्मी आने के कारण अब एयर कंडीशनर, कूलर व पंखे का उपयोग बढ़ेगा। इससे उपभोक्ता के कनेक्शन पर जो लोड अभी है, वह बढ़ जाएगा। इसके एवज में बिजली कंपनियों सिक्योरिटी राशि व लोड की जमा राशि में भी क्रमबद्ध इजाफा करती है। इसका असर भी बिजली बिल पर दिखेगा।
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फैक्ट फाइल-
- 01 पैसे प्रति यूनिट एफसीए घटा
- 2.64 फीसदी दर वृद्धि की गई
- 1.30 करोड़ से ज्यादा बिजली उपभोक्ता
- 3.3 फीसदी सबसे ज्यादा वृद्धि घरेलु उपभोक्ता पर
- 03 महीने में बदलता है हर बार एफसीए
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bijali
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