खाता ही खाली नहीं कर रहे बल्कि कर्जदार भी बना रहे साइबर ठग

खाते में जमा 10 लाख, ओवरड्राफ्ट कर निकाल लिए ५० लाख, मध्यम उद्योगों का डाटा चोरी कर बना रहे शिकार केस - एक सोयाबीन कारोबारी पंकज शाह की फर्म महाकाली

By: praveen malviya

Published: 04 Apr 2019, 09:11 AM IST

भोपाल. साइबर ठग आपका एकाउंट की साफ नहीं कर सकते बल्कि वे आपको सालों के लिए कर्जदार भी बना सकते हैं। यह केवल चेतावनी नहीं है बल्कि शातिर ठगों ने एेसा करना शुरू भी कर दिया है।

साइबर ठगों का नया निशाना अब नए और मध्यम दर्जे के उद्योगपति हैं जिनके एकाउंट में जमा राशि भले ही कुछ लाख रुपए की हो लेकिन एकाउंट की लिमिट (ओवर ड्रॉफ्ट सीमा ) करोड़ों में होती है। उद्योगों के विस्तार के आधार पर मिली इस सुविधा की ओर ध्यान हटने से कई शिकार मेहनत की कमाई के लाखों गंवाने के साथ भविष्य के लिए लाखों के कर्जदार बन रहे हैं।

कैसे मिल रही गोपनीय जानकारी यह अक्सर देखने में आता है कि खातों से रुपए उड़ाने वाले शातिर ठगों तक एकाउंट और उससे जुड़े मोबाइल नम्बर की डिटेल होती है जिसके आधार पर डुप्लीकेट सिम जारी कराकर रुपए निकाल लते हैं। लेकिन बड़ी ठगी के नए तरीकों में ठगों को न केवल एकाउंट में जमा राशि का पता होता है बल्कि उन्हें खाताधारक को बैंक की ओर से उपलब्ध कराई गई लिमिट की जानकारी भी होती है।

ओवर ड्राफ्ट लिमिट का पता करके ठग न केवल उद्योगपतियों के खातों में जमा राशि बल्कि निकाली जाने वाली अधिकतम सीमा तक के रुपए साफ कर देते हैं। 'नए जमाने के साइबर ठगों ने कुछ हजार रुपयों के बजाए उसी प्रक्रिया से कई लाख से करोड़ों तक उड़ा लेने का रास्ता अपनाना शुरू कर दिया है।

ठग स्टार्टअप और एमएसएमई इंडस्ट्री को सीधे तौर पर निशाना बना रहे हैं। बड़ी कम्पनियां जहां अपने बेंकिंग सिस्टम को कई स्तर पर सुरक्षित करती है वहीं नए कारोबारी युवा एवं मध्यम दर्जे के उद्योग के संचालकों का सुरक्षा पर कम ध्यान होता है जिसका फायदा ठग उठाते हैं। सभी को कई स्तर की सुविधा और सर्तकता की जरुरत है।Ó यशदीप चतुर्वेदी, साइबर लॉ एक्सपर्ट

praveen malviya Reporting
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