Petrol Diesel Price Hike: कोरोना संकट में सबसे महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, देखें चार नगरों में कब-कितनी हुई बढ़ोत्तरी

अब आम आदमी पर पड़ेगी महंगाई की मार, माल भाड़ा, खाद्य और निर्माण सामग्री हो जाएगी महंगी...।

By: Manish Gite

Published: 24 Jun 2020, 08:11 PM IST

 

भोपाल। आम आदमी की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके पेट्रोल-डीजल ( petrol diesel price ) के दाम मध्यप्रदेश के लोगों के सिर चढ़कर बोल रहे हैं, क्योंकि देश में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल मध्यप्रदेश में बिक रहा है। एक जून से 24 जून तक पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) के दामों 11 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। पहले ही कोरोना संकट और कम वेतन में गुजारा कर रहे आम लोगों को अब महंगाई का भी डर सताने लगा है। इधर, विपक्षी दल कांग्रेस ( congress ) को भी मौका मिल गया। आने वाले दिनों में चुनावों को देखते हुए केंद्र से लेकर मध्यप्रदेश में बैठी भाजपा सरकार ( bjp government ) को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

मध्यप्रदेश ( petrol diesel price in madhya pradesh ) के 52 जिलों में पेट्रोल के दाम 87.71 रुपए से लेकर 89.45 रुपए पहुंच गए हैं। वहीं डीजल के दाम भी पेट्रोल के दामों के आसपास पहुंच रहे हैं। मध्यप्रदेश का अनूपपुर जिला ऐसा है जहां प्रदेश में सबसे अधिक 89.45 रुपए भाव हैं और डीजल की बात करें तो रीवा जिले में सबसे अधिक भाव 89.52 रुपए हैं।

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1 जून से 24 जून के बीच बढ़ गए
-भोपाल में एक जून को 77.59 रुपए थे, जो 24 जून तक 87.39 रुपए पहुंच गए। इस दौरान करीब 10 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
-एक जून को डीजल के दाम 68.31 रुपए थे, वहीं 24 जून तक 79.33 रुपए पहुंच गए। इस दौरान 13.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और 11.02 रुपए बढ़ाए गए।

 

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20 फीसदी बढ़ सकता है माल भाड़ा
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर अब माल भाड़े पर पड़ेगा और इसी कारण आम लोगों की जरूरत का सामान भी महंगा हो सकता है। भोपाल के ट्रांसपोर्ट संचालकों के मुताबिक डीजल के दाम बढ़ने से भाड़ा 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।

माल भाड़ा बढ़ने का असर महंगाई पर
मालभाड़ा बढ़ने से किराना, खाद्य वस्तुएं, फल-सब्जी समेत अन्य जरूरत की चीजों पर भी पड़ सकता है। इनके भी दाम बढ़ाए जा सकते हैं।

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निर्माण कार्य की लागत बढ़ेगी
ट्रांसपोर्ट के अलावा टैक्सी किराया, खेती की लागत और निर्माण कार्यों पर भी डीजल के दामों का असर दिख सकता है। लॉकडाउन में जो निर्माण कार्य बंद थे अब वे शुरू हो गए हैं। ऐसे में उनकी भी लागत बढ़ना तय माना जा रहा है। डीजल से चलने वाली टैक्सी का किराया भी बढ़ने पर टैक्सी चालक संघ और ट्रेवल एजेंसी संकेत दे रही हैं।

 

 

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दो हजार रुपए बढ़ सकता है भाड़ा
भोपाल स्थित चौहान ट्रांसपोर्ट एजेंसी के मैनेजर मनोज राजपूत के मुताबिक डीजल के भाव बढ़ने से अब हमारी भी मजबूरी है कि 15 से 20 फीसदी भाड़ा बढ़ाना पड़ सकता है। डंपर से रेत मंगवाने पर दाम बढ़ेंगे, वहीं सब्जी-भाजी लाने का भी भाड़ा बड़ेगा। राजपूत बताते हैं कि 200 किलोमीटर तक 10 टन माल माल का लगभग 9 हजार रुपए लगता है। अब इसमें दो से ढाई हजार की बढ़ोतरी होगी। इधर, भोपाल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन भी चाहता है कि 20 फीसदी किराया बढ़ाना पड़ेगा। पहले से बुक हो चुके वाहनों में और वर्तमान में बढ़ते किराए को लेकर विवाद की स्थिति न बने इसके लिए भी बात चल रही है। सरकार से भी मांग कर रहे हैं कि डीजल के दाम तीन माह के लिए स्थिर किए जाएं, जिससे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ न आए।

 

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इन पर भी पड़ेगा असर
- खेत जोतने से लेकर खरपतवार हटाने, फसल की कटाई आदि में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर का उपयोग को मिलाकर फसल की लागत भी बढ़ जाएगी।

- शहरों में निर्माण कार्यों में लगे ट्रक, ट्रॉले, ट्रैक्टर, जेसीबी, पोकलेन आदि भी डीजल से चलती है, ऐसे में यह भी अपना पैसा बढ़ाएंगे।

-टैक्सी या भोपाल से इंदौर, उज्जैन, सागर, दमोह, गुना, विदिशा, जबलपुर और ग्वालियर जाना हो तो टैक्सी और बसों का भी किराया बढ़ेगा।

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