हमीदिया इमरजेंसी के बाहर रातभर पड़ा रहा बीमार बुजुर्ग, किसी ने भी ध्यान नहीं दिया, सुबह ठंड से टूट गई सांसें

हमीदिया इमरजेंसी के बाहर रातभर पड़ा रहा बीमार बुजुर्ग, किसी ने भी ध्यान नहीं दिया, सुबह ठंड से टूट गई सांसें

Ram kailash napit | Publish: Jan, 10 2019 04:04:04 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

राजधानी में ठंड से पहली मौत

भोपाल. हमीदिया अस्पताल में रोजाना दो हजार लोग इलाज कराने आते हैं। उसी अस्पताल के बाहर एक 50 से 55 साल का बुजुर्ग व्यक्ति बीमारी की हालत में रात भर पड़ा रहा। किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया, सुबह उसका शव ठंड से जकड़ा हुआ मिला। शहर में ठंड से मौत का यह पहला मामला है। लोगों का कहना है कि बुजुर्ग मंगलवार शाम को इमरजेंसी के बाहर देखा गया था। सुबह उसकी मौत हो गई। इस दौरान वहां से कई बड़े डॉक्टर, स्टाफ, वार्ड कर्मचारी गुजरे, लेकिन किसी का ध्यान बुजुर्ग व्यक्ति पर नहीं गया। इतने बड़े सरकारी अस्पताल के बाहर हुई बुजुर्ग व्यक्ति की मौत अस्पताल प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़े कर रही है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन इस मामले से इंकार कर रहा है। प्रबंधन का कहना है कि इस मरीज को रात में कोई बाहर छोड़ गया था। कर्मचारियों ने जब देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। प्रबंधन का यह भी मानना है कि शव पूरी तरह अकड़ा हुआ था, ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत तेज ठंड से ही हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया गया है।

एक दिन में तीन अज्ञात मरीज हुए भर्ती

अस्पताल अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव बताते हैं कि अस्पताल में अक्सर लोग अनजान मरीजों को छोड़ जाते हैं। अस्पताल में छह मरीज भर्ती हैं जिन्हें कोई छोड़ गया। बड़ी बात यह है कि सोमवार और मंगलवार को ही तीन अज्ञात मरीजों को भर्ती किया गया।

108 एंबुलेंस भी छोड़ जाती है अनजान मरीज
अस्पताल प्रबंधन की माने तो ऐसे मामलों में सबसे बड़ी गड़बड़ी जिकित्जा की 108 एंबुलेंस द्वारा की जाती है। 108 एंबुलेंस लावारिस मरीजों को अस्पताल में छोड़ जाती है। जबकि नियमानुसार एंबुलेंस स्टाफ को उसे भर्ती कराकर कागजी कार्रवाई पूरी करनी होती है। इस कार्रवाई से बचने के लिए एंबुलेंस स्टाफ लावारिस मरीजों को अस्पताल के बाहर, झाडिय़ों या पार्र्किंग में छोड़ कर चले जाता है।

108 एंबुलेंस वाले लावारिस मरीजों को अस्पताल के बाहर छोड़ कर चले जाते हैं। हमारे एमएसडब्ल्यू कर्मचारी रातभर ड्यूटी पर रहते हैं। इस पेशेंट को रात में ही देख लिया था और इलाज के लिए ले गए थे, लेकिन वो मृत था। ठंड से उसकी मौत हो गई थी। शव को सुबह मर्चुरी में रखवा दिया। इसके बारे में कलेक्टर को सूचना दे दी है।
डॉ. एके श्रीवारस्तव, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

 

बादल छंटे, रात में बढ़ेगी ठंड, दिन में तपेगी धूप
भोपाल. पिछले तीन दिन से राजधानी में छाए रहने वाले बादलों के छंटने से बुधवार को दिन में ठंड का असर कम रहा, लेकिन इस बदलाव से रात का तापमान कम होने की संभावना है। दिन में धूप खिलने से दिन में राहत भी रहेगी। इससे इतर बुधवार को मौसम के मिजाज में कोई खास बदलाव नहीं दिखाई दिया। सुबह न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था, वहीं शाम को अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में किसी विक्षोभ के सक्रिय नहीं होने के चलते आगामी एक-दो दिनों में मौसम में बडा़ परिवर्तन आने की संभावना नहीं है। इस बीच सोमवार को नजर आया कोहरा पूरी तरह छंटने और बादलों के हट जाने के बाद ठंड का असर कुछ बढ़ सकता है, इसमें 14 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाएं अपना असर दिखा सकती हैं। प्रदेश में सबसे कम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस बैतूल में दर्ज किया गया। आगामी चौबीस घंटों में प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने एवं तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

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