प्रदेश में मौत की दर देश के औसत से ज्यादा

हर 12 घंटे में एक आदमी की जान ले रहा है कोरोना, मौत में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर आया मध्यप्रदेश

 

 

By: Arun Tiwari

Published: 18 Apr 2020, 07:29 PM IST

भोपाल : कोराना वायरस ने मध्यप्रदेश को देश की तालिका में कुख्यात कर दिया है। कोरोना प्रदेश में रोजाना दो लोगों से ज्यादा की जिंदगी छीन रहा है। यानी हर 12 घंटे में कोरोना के कारण एक व्यक्ति की जान जा रही है। कोरोना की वजह से मौत के मामलों में मध्यप्रदेश, देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। यही नहीं प्रदेश में मौत की दर देश की औसत से भी ज्यादा है। देश में तीन फीसदी की दर से लोग मौत का शिकार हो रहे हैं जबकि मध्यप्रदेश में ये दर पांच फीसदी से ज्यादा है यानी देश से दोगुने लोग मध्यप्रदेश में मौत का शिकार हो रहे हैं।

मौत की ये दर महाराष्ट्र को छोड़कर देश के सभी राज्यों से ज्यादा है। महाराष्ट्र में डेथ रेट छह फीसदी है जो मध्यप्रदेश से अधिक है। हैरानी की बात ये भी है कि जितने लोगों की मौत हुई है उतने ही लोग स्वस्थ्य हुए हैं यानी प्रदेश में लोगों के मरने की दर जितनी ज्यादा है उतनी ही कम ठीक होने वालों की संख्या है। टेस्टिंग की कमी से मध्यप्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रदेश से ज्यादा टेस्टिंग उत्तरप्रदेश, बिहार,झारखंड, पंश्चिम बंगाल और नागालैंड में हो रही है।

प्रदेश में काल बन रहा कोरोना :
देश में कोरोना के 14378 मामलों में 480 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी देश में कोरोना संक्रमित 100 लोगों में से तीन की मौत हो रही है। महाराष्ट्र में 3323 में से 201 लोग मौत का शिकार हुए हैं, यहां पर 100 लोगों में 6 लोगों की मौत हो रही है। इसके बाद मध्यप्रदेश का नंबर आता है। प्रदेश में 1310 संक्रमित लोगों में 69 की मौत हुई है यानी प्रदेश में 100 लोगों में से पांच लोग कोरोना के चलते मौत का शिकार हो रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि देश की राजनधानी दिल्ली जैसा जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश ने मध्यप्रदेश से बेहतर काम किया है, यहां पर मृतकों की संख्या कम है। वहीं बिहार, उत्तरप्रदेश जैसे स्वास्थ्य सुविधा में कमजोर राज्य भी मौत की दर में मध्यप्रदेश से पीछे हैं।

देश से तीन गुना कम है स्वस्थ्य होने का आंकड़ा :
मध्यप्रदेश में कोरोना के चलते लोगों के स्वस्थ्य होने का आंकड़ा देश की औसत से तीन गुना कम है। देश में 14 फीसदी की दर से लोग ठीक हो रहे हैं, जबकि मध्यप्रदेश में सिर्फ पांच फीसदी की दर से लोगों के स्वस्थ्य होने का ग्राफ है। देश में 14378 लोगों में से 1992 स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं। वहीं मध्यप्रदेश में 1310 में से सिर्फ 69 लोग ही स्वस्थ्य हो पाए हैं। यहां पर एक और गौर करने वाली बात ये भी है कि महाराष्ट्र में मौत का आंकड़ा प्रदेश से ज्यादा है तो स्वस्थ्य होने की दर भी मध्यप्रदेश से बेहतर है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित 3323 लेागों में से 331 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। यह दर 10 फीसदी है यानी मध्यप्रदेश से दो गुनी दर से महाराष्ट्र के लेाग ठीक हो रहे हैं।

Corona virus
Arun Tiwari Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned