नई सरकार के नए कदम : जानिये किन किसानों के कितने तक का कर्ज हुआ माफ

शपथ लेते ही किसानों का कर्ज माफ, सरकारी खजाने पर 35 हजार करोड़ का आएगा बोझ,कर्जमाफी में चलेगा आंध्र का फॉर्मूला...

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पद की शपथ लेने के तुरंत बाद किसानों की कर्ज माफी के वादे को पूरा कर दिया। उन्होंने मंत्रालय के एनेक्सी भवन में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला और दो लाख रुपए तक के कर्जमाफी की फाइल पर दस्तखत किए।

इसमें करीब 34 लाख किसानों का अल्पकालीन फसल ऋण माफ कर दिया। इसमें किसानों के 31 मार्च 2018 तक के कर्ज माफ होंगे। इसके आदेश जारी कर दिए गए। आयकर चुकाने वाले और सरकारी कर्मचारी इस कर्जमाफी के दायरे में नहीं आएंगे।

पात्र किसान का आवेदन मंजूर होने के बाद उसका पूरा कर्ज माफ हो जाएगा, लेकिन सरकार बैंक को तीन-चार साल में पूरा पैसा देगी। इसके लिए आंध्रप्रदेश फार्मूले को अपनाया जाएगा।

इस कर्जमाफी से सरकारी खजाने पर 35 से 36 हजार करोड़ का बोझ आएगा। इसमें 6 महीने से 18 महीने तक अल्पकालीन कर्ज लेने वाले किसान शामिल हैं। पात्र किसानों को सॉफ्टवेयर के जरिए पोर्टल पर आवेदन देना होगा। इसमें बैंक खाते से किसान का आधार लिंक होना अनिवार्य होगा। आधार लिंक नहीं होने पर लिंक कराने का अवसर भी मिलेगा।
चंडीगढ़-पंजाब के पैटर्न पर सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा। अगले दो दिन में इसे फाइनल कर दिया जाएगा। एक टीम चंडीगढ़ गई है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर सॉफ्टवेयर बनेगा। इस पर सभी किसानों का डाटा अपलोड होगा। इसके बाद किसानों का कर्ज माफ किया जाने लगेगा।

दो लाख के अल्पकालीन फसल ऋण होंगे माफ

नई सरकार के ये भी फैसले
1. महिला वर्ग : कन्या विवाह की राशि 30 हजार से बढ़ाकर 51 हजार कर दी। इसमें आयकरदाता न होने का बंधन भी समाप्त हो गया। महिला वोटरों को साधा।

2. रोजगार : निवेश संवर्धन नीति में संशोधन के तहत उद्योगों को सरकारी छूट पर 70 फीसदी स्थानीय लोगों को रोजगार अनिवार्य कर दिया गया है।

3. गौरक्षा : ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला खोलने के लिए योजना बनाने को मजंूरी दे दी। कांग्रेस वचन-पत्र में यह वादा था। इसकी योजना अब तैयार होगी।

4. उद्योग : रोजगार के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और छिंदवाड़ा में गार्मेंट्स पार्क खोले जाएंगे। इनके जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

31 मार्च 2018 तक का होगा माफ
सरकार ने अभी 31 मार्च 2018 तक का कर्ज माफ करना तय किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 6 जून को पहली बार मंदसौर में कर्जमाफी की घोषणा की थी। इसलिए उसके पहले की कट-ऑफ-डेट तय की गई है। मौजूदा स्थिति में पुराने सभी अल्पकालीन फसल ऋण इस माफी के दायरे में आ गए हैं।

1.83 लाख करोड़ का कर्ज है सरकार पर
कमलनाथ सरकार ने कर्ज माफी का यह कदम तब किया है, जब सरकारी खजाना लगभग खाली है। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार इस कदम से सरकार की माली हालात कमजोर हो जाएगी।

सरकार पर अभी 1.83 लाख करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ है। जीएसटी लागू होने के बाद सरकार के पास खुद के भरोसे आर्थिक संसाधन जुटाना चुनौती माना जा रहा है। ऐसे में सरकार कड़े दबाव में काम करेगी।

प्रण मध्यप्रदेश का: मिशन 100 डेज
जनता के फैसले के बाद सरकार का गठन हो गया है। लोकसभा चुनाव 2019 की आचार संहिता लगने में अब करीब 100 दिन शेष हैं। इन 100 दिनों में सरकार को जनता से किए वादों की न केवल सार्थक कार्ययोजना बनानी होगी, बल्कि उसके शत प्रतिशत क्रियान्वयन की पालना भी सुनिश्चित करनी होगी। इसी आधार पर जनता लोकसभा चुनाव में फिर अपना फैसला सुनाएगी। कांग्रेस ने तीनों राज्यों में सरकार बनने के दस दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नए मुख्यमंत्रियों ने कर्जमाफी की फाइल पर दस्तखत भी कर दिए। राजस्थान में भी इसका काउंट डाउन शुरू हो गया है। पत्रिका राज्य को खुशहाल बनाने के लिए जरूरी मुद्दों को जनता और सरकार के समक्ष उठाएगा।

छत्तीसगढ़-भूपेश बघेल की ताजपोशी (यहां भी पहले दिन कर्ज माफ)

रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेने के दो घंटे बाद ही कांग्रेस के जन घोषणापत्र के तीन वादों पर मुहर लगा दी। देर शाम मंत्रालय में हुई राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक में सरकार ने किसानों का 6100 करोड़ रुपए का अल्पकालिक कर्ज माफ कर दिया। इसका फायदा 16 लाख 65 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा।

 

राजस्थान- लोकसभा की दिखी तैयारी

गहलोत-पायलट ने ली शपथ
जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की सत्ता में लौटने की खुशी के साथ कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव को लेकर भी दमखम दिखाया। इस शपथ ग्रहण समारोह में महागठबंधन के सभी नेताओं को आमंत्रित कर लोकसभा चुनाव-2019 की तैयारी का संदेश दिया।

 

कांग्रेस बार-बार कह रही है कि भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए सभी दलों को महागठबंधन में स्वागत है। यही कारण है कि जहां भी राज्यों में कांग्रेस की सरकार सत्ता में लौट रही है, वहां महागठबंधन के सभी दलों के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है।


कांग्रेस ने इसकी शुरूआत पिछले दिनों कर्नाटक में जनता दल सेक्यूलर के साथ गठबंधन सरकार बनाने से किया था। वहां भी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में सभी को बुलाया गया था। इसी परंपरा के अनुरूप राहुल गांधी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में सभी दलों के नेताओं को मुख्यमंत्रियों से आमंत्रित कराया। कांग्रेस राज्यों में एक-एक कर वापसी के साथ ही केन्द्र में सत्ता हासिल करने को लेकर तैयारी में जुट गई है।पहली बैठक में मंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू भी मौजूद रहे।



आज प्रशासनिक सर्जरी संभावित- मुख्यमंत्री कमलनाथ मंगलवार को प्रशासनिक सर्जरी कर सकते हैं। इसकी तैयारी सोमवार रात बैठक में हो गई। मुख्य सचिव बीपी सिंह, पीएस अशोक वर्णवाल, पीएस आइसीपी केसरी व जीएडी पीएस रश्मि अरुण शमी के साथ फेरबदल पर चर्चा की। मंत्रालय, पीएचक्यू से लेकर कुछ कलेक्टर व एसपी को बदला जा सकता है।

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दीपेश तिवारी
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