2200 को डेंगू के डंक, सख्त हुई सरकार, शिवराज खुद उतरेंगे मैदान में

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- 15 सितंबर को शिवराज खुद मैदानी गतिविधियों में शिरकत करेंगे
- प्रत्येक जिला अस्पताल में दस बेड का वार्ड डेंगू मरीजों के लिए रहेगा
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[email protected]भोपाल। प्रदेश में डेंगू और कोरोना के बढ़ते केस के चलते शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक की। इसमें सामने आया कि प्रदेश में अभी 2200 डेंगू के केस हैं। शिवराज ने डेंगू के बढ़ते कहर के चलते सात जिलों को विशेष तौर पर सतर्क रहने के आदेश दिए। इसके अलावा सभी जिला अस्पतालों में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए। साथ ही डेंगू की रोकथाम के लिए शिवराज खुद 15 सितंबर को सुबह दस बजे से मैदान में उतरेंगे। इसके तहत शिवराज डेंगू रोकथाम के अभियान के तहत फॉगिग, जलभराव निकासी, लार्वा नष्ट करने जैसी मैदानी गतिविधियों में शिरकत करेंगे। शिवराज ने साफ कहा है कि डेंगू और कोरोना दोनों की रोकथाम में कोई कोताही नहीं बरती जाए।
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यह बैठक शिवराज ने सीएम हाउस पर की। इसमें वचुर्अल तरीके से सभी जिलों के कलेक्टर से संवाद किया गया। अभी सात जिलों मंदसौर, जबलपुर, रतलाम, आगर मालवा, भोपाल, छिंदवाड़ा और इंदौर में ज्यादा डेंगू मरीज पाए गए हैं, इस कारण इन जिलों के कलेक्टर्स को विशेष तौर पर सतर्क किया गया है। भोपाल के भी 11 वार्ड में डेंगू का कहर पाया गया है। इस पर शिवराज ने कहा कि डेंगू रोकथाम के लिए मैदानी गतिविधि बढ़ाई जाए। लार्वा नष्ट करने और फॉगिग को तेज किया जाए। फीवर क्लिनिक पर तेजी से काम हो। नियमित समीक्षा जरूरी है। ओपीडी में परीक्षण एवं डेंगू की जांच हेतु सुविधा की मॉनिटरिंग करते रहे। शिवराज ने कहा कि जिलों में कलेक्टर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन करें।
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डेंगू पर ये भी निर्देश-
-अतिरिक्त दल गठित कर रैपिड फीवर सर्वे एवं वेक्टर कंट्रोल गतिविधियां शुरू करे
- प्रभावित क्षेत्र में वाहक मच्छरों की वृद्धि के स्रोत में कमी लाने हेतु प्रयास किये जायें
- 7 दिनों से अधिक समय तक किसी भी स्थान पर जलजमाव न हो।
- कूलर, टंकी, खाली प्लाट, गड्डों इत्यादि की नियमित सफाई करते रहे
- मच्छर के लार्वा शून्य होने तक प्रभावित क्षेत्रों में एंटीलारवल गतिविधियां चलती रहे
- लार्वा नियंत्रण हेतु टेमीफोस, बीटीआई जैसे एंटीलार्वल रसायन का उपयोग किया जाए
- फॉगिंग एवं छिडक़ाव हेतु पर्याप्त मात्रा में क्रियाशील कम्प्रेसर पंप आदि उपलब्ध रखे
- प्रभावित क्षेत्रों में रसायन साइफेनोथ्रिन 5त्न द्वारा आउटडोर फॉगिंग कार्य किये जायें।
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कोरोना वैक्सीनेशन पर जोर-
सीएम की बैठक में कोरोना वैक्सीनेशन पर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। कोरोना के बढ़ते केस पर सीएम ने िचिंता जताई। साथ ही केस को गंभीरता से लेकर रोकथाम के निर्देश दिए। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि 9 सितंबर की स्थिति में प्रदेश में 5.49 करोड़ लक्ष्य वाली आबादी में से 5.06 करोड़ को वैक्सीन लग गया है। इसमें पहला डोज 4.10 करोड़ और दूसरा डोज 95.40 लाख लोगों को लगा है। शिवराज ने 30 सितंबर तक पात्र सभी लोगों को पहले डोज का लक्ष्य पूरा करने की तैयारी के निर्देश दिए। अभी 17 जिलों में वैक्सीनेशन कम हुआ है। इस पर शिवराज ने संबंधित कलेक्टरों से कारण पूछा। इस पर किसी कलेक्टर ने डोज की उपलब्धता में दिक्कत आने, तो किसी ने त्यौहार व बारिश के कारण वैक्सीनेशन कम होने का हवाला दिया। शिवराज ने कहा कि हर जिला हर दिन अपने लक्ष्य पूरे करें, तभी 30 सितंबर तक का लक्ष्य पूरा होगा। शिवराज ने सभी इंतजाम करने के लिए कहा। 70 प्रतिशत से कम वैक्सीनेशन वाले जिलों में सतना, श्योपुर, भिण्ड, धार, रीवा, सीधी, खरगौन मंडला, मुरैना, कटनी, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, शिवपुरी, सिंगरोली, बड़वानी, अलीराजपुर और बैतूल शामिल हैं।
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जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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