गो कार्ट से तैयार किया क्वाड बाइक का डिजाइन

आरजीपीवी में आईटी वर्कशॉप और इंटर्नशिप प्रोग्राम का आयोजन

 

By: hitesh sharma

Updated: 19 Jan 2019, 08:56 AM IST

भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के यूआइटी ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग विभाग मैकेनिकल और ऑटोमोटिव इंजीनियरों की संस्था एफएमएइ के सहयोग से क्वाड बाइक डिजाइन और निर्माण के लिए 15 दिनों के इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। 3 से 17 जनवरी तक कैंपस में स्टूडेंट्स डिफरेंट डिजाइन्स तैयार करेंगे।

इस इंटर्नशिप में एक्सपर्ट फार्मूला कार, गो-कार्ट से क्वाड बाइक के डिजाइन और निर्माण की बारीकियां स्टूडेंट्स को बता रहे हैं। स्टूडेंट्स ने विभिन्न सॉफ्टवेयर की मदद से क्वाड बाइक के चेसिस, ब्रेकिंग, स्टीयरिंग और सस्पेंशन सिस्टम को डिजाइन करना सीखा। छात्रों को एमएएमइ के सीइओ आदित्य राय और चीफ टेक्निकल ऑफिसर रोबिन ने प्रशिक्षण दिया।

वहीं, एलएनआइयू के सहयोग से चल रही सूचना, सुरक्षा और सायबर कानून विषय पर आयोजित वर्कशॉप में कुलपति प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि दैनिक जीवन में इंटरनेट के विविध क्षेत्रों में बढ़ते उपयोग और ऑनलाईन प्रक्रियाओं को अपनाए जाने के कारण डाटा की सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय बन रहा है।

ऐसी स्थिति में तकनीकी विशेषज्ञों की जिम्मेदारी है कि वे समाज को जागरूक करें। समापन सत्र में यशपाल सिंह (ओएसडी राज्य न्यायिक अकादमी) ने डिजीटल साक्ष्य की स्वीकार्यता विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि डिजीटल फॉरेंसिक के क्षेत्र में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं। प्रकरणों में डिजीटल साक्ष्य विशेषकर सायबर क्राइम से जुड़े प्रकरणों में सायबर कानून और तकनीकी दोनों विषयों पर दक्षता के साथ तर्क रखे जाना अत्यंत आवश्यक होता है ।

क्लाइमेंट चेंज होने का कारण व्यक्ति खुद है

आईआईएफएम में रीजनल परामर्श कार्यशाला

भोपाल। आईआईएफएम में 15वें वित्त आयोग के वर्तमान टेक्स डिवोल्यूशन फार्मूला को समृद्ध बनाने पर गुरुवार को कार्यशाला आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में नौ राज्यों के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्र संचालिका डॉ. मधु वर्मा ने कहा कि जो लोग फॉरेस्ट कंसर्वेशन कर रहे हैं, उन्हें सरकार की तरफ से रिवॉर्ड, कंपंसेशन मिलना चाहिए। हम एनवॉयरमेंट और क्लाइमेट चेंज के लिए भी काम कर रहे हैं। पॉल्यूशन को कम करने के लिए कुछ स्टेंडर्ड बने हुए हैं लेकिन स्टाफ और उपकरणों की कमी के चलते काम नहीं पूरा हो रहा है।

नहीं करनी चाहिए जंगलों की कटाई

मधु ने आगे कहा कि फॉरेस्ट को रीक्रिएट नहीं किया जा सकता है। इसकी जगह प्लांटेशन करना होगा। उन्होंने कहा कि जंगल खत्म होते जा रहे हैं, जिससे पशु-पक्षी को भी नुकसान हो रहा है।
जंगल को बचाएंगे तो तभी बचेंगे शेर

उन्होंने शेरों की कमी होने के सवाल पर कहा कि अगर हम शेरों के घर यानी जंगलों को बचाने में सफल होंगे तो अवश्य ही हम शेरों को भी बचा सकेंगे। क्लाइमेट चेंज पर उन्होंने कहा कि यह उन लोगों की वजह से हो रहा है, जो जंगल को काट रहे हैं, पानी को प्रदूषित कर रहे हैं। क्लाइमेट चेंज को रोकने के लिए अर्बन पॉल्यूशन, एग्रीकल्चर पॉल्यूशन, इंडस्ट्री से निकलने वाला पॉल्यूशन, फॉरेस्ट पॉल्यूशन को रोकना होगा। इसके लिए जन भागीदारी की बहुत आवश्यकता है।

hitesh sharma Reporting
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