दिग्विजय सिंह के इस बयान से फिर हो रही हैं कांग्रेस की फजीहत, जम्मू-कश्मीर को हाथ से जाने का दिखा रहे डर

Muneshwar Kumar | Updated: 12 Aug 2019, 07:38:30 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

जम्मू-कश्मीर को लेकर दिग्विजय सिंह ने जो बयान दिया है, उस पर कांग्रेस पार्टी ने साधी चुप्पी

भोपाल. कश्मीर ( Jammu and Kashmir ) पर चल रही सियासी बयानबाजी में आखिरकार दिग्विजय सिंह ( Digvijay Singh ) भी कूद पड़े। मोदी सरकार के फैसले का बेवजह विरोध करने के चक्कर में उन्होंने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया और कहा कि 370 हटाकर मोदी ने आग में हाथ डाला है। अब जाहिर सी बात है कि कशमीर में भले ही शांति हो लेकिन नेताओं के बयान बता रहे हैं कि वो कितने बेचैन हैं।

 

तो सुना आपने...दिग्विजय सिंह एक बार फिर उम्मीदों पर खरे उतरे...क्योंकि उनसे इसी तरह के बयान की उम्मीद की जा सकती थी। भले ही पूरा देश मोदी शाह के फैसले के साथ हो, जिसमें धुर विरोधी केजरीवाल, मायावती, चंद्रबाबू नायडू जैसे लोग भी समर्थन कर रहे हैं। यहां तक कि कांग्रेस के ही सिंधिया जैसे नेता तक इस कवायद का स्वागत करें लेकिन दिग्गी तो दिग्गी हैं। कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने आग में हाथ डाला है। कश्मीर को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। मैं मोदी जी, अमित शाह जी और अजीत डोभाल जी से सावधान रहने की अपील करता हूं, वरना हम कश्मीर खो देंगे।

 

अब भले ही पूरे कश्मीर सुकून और अमन चैन हो... वहां हर बाशिंदा ईद का त्यौहार मनाने में मस्त हो लेकिन दिग्विजय को कश्मीर जलता नजर आ रहा है...हद है...दिग्विजय सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर मैंने आप लोगों से कहा था कि इसे हटाया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। देखिए, आज कश्मीर जल रहा है...अब इससे बड़ा मजाक और क्या हो सकता है।

 

 

इस बयान से बीजेपी को नई संजीवनी मिली। नेहरू को अपराधी बताकर बैकफुट पर आए शिवराज ने तुरंत मोर्चा संभाला और दिग्विजय को जवाब दिया और ट्वीट में लिखा कि कश्मीर में भले ही चैन हो लेकिन यहां कुछ लोग जरुर बेचैन हो रहे हैं। उन्होंने लिखा कि 'धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति है। यही श्री राहुल गांधी और कांग्रेस की तकलीफ है....वे नहीं चाहते कि कश्मीर में शांति रहे। कश्मीर में अशांति श्री नेहरू जी के गलत फैसलों के कारण थी। धारा 370 कश्मीर के लिए अभिशाप थी, आतंकवाद का कारण थी। इस धारा ने कभी कश्मीर की जनता का बहुत नुकसान किया। नेहरूजी ने जो गलती की उसे मोदी जी ने सुधार दिया है। कांग्रेस परेशान क्यों है?'

 

इससे पहले पी चिदंबरम जैसे बड़े नेता ने भी कश्मीर पर हल्का बयान दिया और एक सभा के दौरान कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर हिंदू बाहुल्य होता तो अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला नहीं लिया जाता। ये उसी कांग्रेस के नेता हैं जो हमेशा बीजेपी को चुनौती देती थी कि धारा 370 हटाकर दिखाईए अब जब हट गई तो इनकी खिसियाहट का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है।

 

कांग्रेस के फेमस नेता मणिशंकर अय्यर तो एक कदम आगे निकल गए और कश्मीर को फिलिस्तीन बता डाला। यानि सीधे सीधे भारत को कश्मीर का दुश्मन बना दिया। अब इससे ज्यादा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि कांग्रेस के ये नेता शांत कश्मीर को सुलगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। क्या मोदी विरोध में ये नेता आखिर क्या बताना चाहते हैं क्या इन्हें देश एकता अखंडता से कोई वास्ता नहीं। खैर जब कांग्रेस के नेताओं ने ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने की ठान ली हो तो फिर भला इन्हें कौन रोक सकता है।

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