दिग्विजय ने कहा कैलाश को आग लगाने के संस्कार संघ ने दिए

बाला बच्चन बोले कानून के उपर कोई नहीं

- मोहल्लों में आग लगाते-लगाते देश में लगा दी : दिग्विजय

 

By: Arun Tiwari

Published: 06 Jan 2020, 08:00 AM IST

भोपाल : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने जो कुछ कहा है उनकी गलती नहीं है। वे एक अच्छे योग्य संघ द्वारा "संस्कारित" राजनेता है और जो भाषा संघ ने सिखाई उसका वह उपयोग करते हैं। समाज में, मोहल्लों में, शहर में आग लगाते लगाते देश में लगा दी है क्योंकि यही संस्कार संघ ने इन्हें दिये हैं। दिग्विजय ने कहा कि कमलनाथ सिंघम मुख्यमंत्री हैं, बिना भेदभाव के कार्रवाई हो रही है।

वहीं भोपाल में मीडिया से बात करते हुए गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि कानून से उपर कोई नहीं है, कानून तोडऩे वाले पर कार्रवाई होगी। भड़काउ बयान और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाला बच्चन ने कहा कि पिछले 15 सालों में इंदौर को अपराध का गढ़ बना दिया था। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी है उस पर कार्रवाई हो रही है इसमें राजनीतिक भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है।

प्रदेश सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा : राकेश सिंह

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस के निशाने पर सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं। माफिया उन्मूलन के नाम पर चुन-चुनकर केवल भाजपा के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। कैलाश विजयवर्गीय के प्रशासन के इस रवैये का विरोध करने पर उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव में मुकदमा दर्ज किया गया है, भाजपा इसके विरोध में मोर्चा खोलेगी।

उन्होंने कहा कि इंदौर में जब पार्टी कार्यकर्ताओं के मकान तोड़े जा रहे थे, तब कैलाश विजयवर्गीय पार्टी नेताओं के साथ कमिश्नर और अन्य अधिकारियों से बात करना चाहते थे, जिसके लिए पहले से पत्र दिया गया। लेकिन कोई भी अधिकारी मिलने नहीं आया। अधिकारियों के इस रवैये के बाद विजयवर्गीय और हमारे पार्टी नेता धरने पर बैठे, लेकिन प्रशासन ने उनके खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया। राकेश सिंह ने सीएए के समर्थन में अरेरा कॉलोनी में जनसंपर्क कर लोगों को कानून के बारे में जानकारी दी।

रामालय ट्रस्ट के माध्यम से ही मंदिर निर्माण : दिग्विजय

दिग्विजय सिंह विश्व हिंदु परिषद पर राम मंदिर के नाम पर चंदा वसूली का आरोप लगाया है। दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा कि रामलला के मंदिर का निर्माण शासकीय कोष से नहीं होना चाहिये, विश्व का हर हिंदू भगवान राम को ईश्वर का अवतार मानता है और मंदिर निर्माण में सहयोग करेगा। विहिप ने मंदिर निर्माण में जो चंदा उगाया वो उसे अपने पास रखें और उसका उपयोग समाज की कुरीतियों को समाप्त करने में ख़र्च करें।

उन्होंने कहा कि रामालय ट्रस्ट में सभी शंकराचार्य और रामानन्दी सम्प्रदाय से जुड़े अखाड़ा परिषद के सदस्य ही हैं और जगदगुरू स्वामी स्वरूपानंद सबसे वरिष्ठ होने के नाते उसके अध्यक्ष हैं। रामालय ट्रस्ट के माध्यम से ही रामलला के मंदिर निर्माण होना चाहिये। भगवान राम का मंदिर हिंदुओं के धर्माचार्यों द्वारा ही बनाना चाहिये। राजनैतिक संगठनों द्वारा संचालित संगठनों के द्वारा नहीं। भगवान राम सब के हैं उनके जन्म भूमि पर निर्माण की जिम्मेदारी रामालय ट्रस्ट को ही देना चाहिये।

Arun Tiwari
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