मरीजों को 12 घंटे पंचकर्म की सुविधा - डॉ. सुधीर पांडेय

इंटरव्यू --- डॉ. सुधीर पांडेय
आरएमओ, जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय

भोपाल. आरएमओ डॉ. सुधीर पांडेय ने दायित्व संभालने के बाद शिवाजी नगर स्थित जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय का कायाकल्प कर दिया है। दयनीय हाल में काफी परिवर्तन किया गया है, जिससे यह भवन अब हॉस्पिटल सा नजर आने लगा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ कई सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं। 12 घंटे पंचकर्म सुविधा के साथ समय से मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। प्रस्तुत है पत्रिका एक्सपोज से उनकी बातचीत के प्रमुख अंश:

सवाल: जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में क्या सुविधाएं दी जा रही हैं?
जवाब: यहां पर मप्र शासन द्वारा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले रोगियों की निशुल्क चिकित्सा एवं पेंशनर रोगियों को निशुल्क आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाई जाती हैं। भर्ती मरीजों को निशुल्क दूध, नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है। इसी प्रकार अस्पताल में छह सेमी स्पेशल वार्ड उपलब्ध हैं, जिनकी सुविधाओं का लाभ भी रोगियों को दिया जा रहा है।

 

सवाल: क्या इस हॉस्पिटल में शल्य चिकित्सा की जाती है?
जवाब: शल्य चिकित्सा भी की जाती है। इसमें आयुर्वेद पद्धति से क्षार सूत्र बंधन द्वारा अर्श, भगंदर, फिशर आदि व्याधियों का उपचार किया जाता है। शल्यक्रिया के तहत ही लीच थेरेपी, रक्तमोक्षण, सिरावेध, अग्निकर्म एवं क्षारकर्म द्वारा कैंसर आदि की चिकित्सा की जा रही है।

सवाल: हॉस्पिटल की बिल्डिंग काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है, जगह भी कम पड़ रही है?
जवाब: हां, हॉस्पिटल की बिल्डिंग पुरानी हो चुकी है, लेकिन इसकी मरम्मत और रखरखाव किया जाता है। रोगी कल्याण के लिहाज से नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

सवाल: आपके यहां आयुष्मान योजना के तहत किन-किन बीमारियों का इलाज किया जाता है?
जवाब: आयुष्मान योजना में अभी आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी भारतीय चिकित्सा पद्धतियां शामिल नहीं हैं। आयुष्मान योजना में जब इन पद्धतियों के इलाज को शामिल किया जाएगा तो यहां भी चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। वैसे गंभीर असाध्य रोगों का इलाज आयुष चिकित्सा में किया जाता है।

सवाल: हॉस्पिटल में रोगों के बचाव के लिए आयुष औषधियों की क्या व्यवस्था है?
जवाब: यहां सर्दी, जुकाम, बुखार, डायरिया, पेचिश से लेकर कैंसर जैसे असाध्य रोगों का इलाज किया जाता है। डेंगू, मलेरिया, चिकिनगुनिया की रोकथाम के लिए होम्योपैथिक यूनिट स्थापित है, जिसमें सभी आने वालों को इन रोगों से बचाने के लिए होम्योपैथिक दवाएं दी जाती हैं।

 

सवाल: यहां कितने मरीज रोज आते हैं, कुछ अतिरिक्त सुविधाएं भी हैं?
जवाब: यह 30 बेडेड हॉस्पिटल है, जहां प्रतिदिन 200-250 मरीजों की ओपीडी और 20-25 मरीज आइपीडी में रहते हैं। मानसिक रोग एवं नेत्र रोगों की यूनिट है। जिसमें अनिद्रा, अवसाद, साइजोफ्रेनिया जैसे मानसिक रोगों की चिकित्सा की जाती है। नेत्र रोगों में दृष्टि दोष, अंधत्व, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा (कालापानी) की चिकित्सा की जाती है।

सवाल: ऑफिस जाने वाले लोग समयाभाव के चलते पंचकर्म की सुविधा नहीं ले पाते?
जवाब: ऐसा नहीं है, शायद मध्यप्रदेश का यह पहला हॉस्पिटल है, जहां प्रात आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक पंचकर्म सुविधा मिल रही है। पंचकर्म द्वारा आमवात, संधिवात, पक्षाघात, अनिद्रा आदि रोगों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है।

सवाल: मलेरिया जांच यूनिट में जांच किट उपलब्ध नहीं रहती हैं?
जवाब: जांच किट की कमी नहीं है। मलेरिया टेक्निशियन द्वारा बुखार के रोगियों की रक्तपट्टिका बनाकर मलेरिया पॉजिटिव होने पर तत्काल मलेरिया की ऐलोपैथिक अथवा आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा की जाती है।

दिनेश भदौरिया
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