लालच में लोग घर बर्बाद करने से नहीं चूकते

मायाराम सुरजन भवन में दो एकांकी का मंचन

भोपाल. समांतर सोशियो कल्चरल सोसायटी की कक्षाभ्यास प्रस्तुति में रविवार को दो एकांकी विलियम जैकब की ए डिस्टेंट रिलेटिव और फ्रित्ज कारिन्थी की रिफंड का मंचन हुआ। मायाराम सुरजन भवन में मंचित एकांकी का निर्देशन चैतन्य सोनी और अभिषेक राजपूत ने किया। सोनी बताते हैं कि इसमें दिखाया गया कि लोभ इंसान से कुछ भी करा सकता है। लोभी व्यक्ति रिश्तों की अहमियत तक भूल जाता है। लालच के मद में धुत वह अपने सगों को लूटने से, उनका घर बर्बाद करने से भी नहीं चूकता। ऐसे व्यक्ति का पतन निश्चित है। इस एकांकी में ऐसे ही लोभी और स्वार्थी व्यक्ति की मानसिक अवस्था को हास्य रंग के माध्यम से दर्शाने की कोशिश की है।

ए डिस्टेंट रिलेटिव: ए डिस्टेंट रिलेटिव में मुख्य पात्र पिंटू तिकड़मबाज और नकारा है जो पेरोल पर छूटकर बहन के घर आ धमका है। उनकी बेटी की शादी अमीर नौजवान से करने की तैयारी हैं। वे लोग नहीं चाहते कि पिंटू वहां रहे, इधर पिंटू भांजी और उसके मंगेतर को अपनी बातों में फंसाता है। खुद को ऑस्ट्रेलिया से आया अमीर मामा बताता है और उनकी जमा पूंजी हथियाने की तैयारी कर लेता है। ऐन मौके पर श्रीमान उसे पुलिस को पकड़वाने की धमकी देकर भगाने में कामयाब हो जाते हैं।
रिफंड : मुख्य पात्र वासरकौफ 18 सालों तक ढंग की कोई नौकरी नहीं मिलने से महसूस करता है कि उसकी स्कूल शिक्षा से उसे कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। वह स्कूल को दी गई पूरी फीस वापस पाने की कोशिश करता है। वासरकौफ का फिर से इम्तेहान लिया जाता है। वो प्रिंसिपल और टीचर्स को भड़काता है, उन्हें अपमानित करता है। आसान सवालों का जवाब भी गलत देता है। फेल होने की कोशिश करता है, लेकिन टीचर्स हर गलत जवाब को सही साबित कर देते हैं। ताकि वो फेल न हो पाए और शिक्षा की साख बनी रहे।

Pradeep Kumar Sharma
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned