बच्चों को तनाव से दूर करने जोड़ रहे कला और संगीत से

एनसीईआरटी के डायरेक्टर ऋषिकेश सेनापति ने दी प्रयासों की जानकारी

By: Pradeep Kumar Sharma

Published: 03 Jan 2020, 07:52 AM IST

भोपाल. कक्षाओं में ज्ञान का एकतरफा प्रवाह होता है, वहीं बच्चे पढ़ाई के तनाव में बौद्धिक और व्यक्तित्व विकास में पिछड़ जाते हैं। कभी-कभी पढ़ाई के बोझ में बच्चे आत्महत्या जैसे घातक कदम भी उठा लेते हैं। ऐसे में एनसीईआरटी ने बच्चों को प्रयोगों से जोड़ते हुए उनमें रचनात्मकता का विकास करने की पहल की है।

इसके अलावा उन्हें नृत्य, गीत, संगीत और खेल की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। जल्द ही इसके बेहतर परिणाम देशभर में सामने आएंगे। ये जानकारी एनसीईआरटी के डायरेक्टर ऋषिकेश सेनापति ने बुधवार को पत्रिका से बातचीत करते हुए दी। वह कला उत्सव में शामिल होने भोपाल आए हुए थे।

बच्चों में क्षमता का विकास करने पर फोकस

उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में जो नेशनल करिकुलम तैयार हुआ था, उसमें शिक्षा पर फोकस किया गया। हमने बेहतर कोर्स तैयार किया, लेकिन कक्षाओं में बेहतर परिणाम नहीं मिले। 701 जिलों में 22 लाख स्कूली बच्चों पर हुए अध्ययन में पता चला कि कक्षाओं में शिक्षक के एकतरफा ज्ञान देने से बच्चों में समझने और प्रश्नों के हल करने की क्षमता विकसित नहीं हो रही थी। हमने तय किया कि बच्चों में क्षमता का विकास करने पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए प्रयोगात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया।

माड्यूल को 30 राज्यों में लांच किया

उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में दिसंबर में त्रिपुरा में एक प्रयोग के तहत पांच दिन की ट्रेनिंग में हर ब्लॉक से 6-6 शिक्षकों को बुलाकर कुल 284 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए ब्लॉकों में भेजा गया, जिससे तीन महीने में 31 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा सका। इसे पूरे देश में 12 माड्यूल के साथ लागू किया गया, जिसमें शिक्षकों को बच्चों को शिक्षा के साथ गीत, संगीत, नृत्य और खेल की गतिविधियों से जोडऩा होता है।

इसे बच्चों में सामूहिक एकता, सामाजिक परस्पर भाव व मित्रता के गुणों को विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि मार्च तक देश में करीब 15 करोड़ बच्चों को इन गतिविधियों से जोड़ लिया जाएगा। इस माड्यूल को 30 राज्यों में लांच किया जा चुका है, जिसमें से 21 में पूरा भी हो चुका है। इसमें 42 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए 53 हजार रिसोर्स पर्सन तैयार किए जा रहे हैं।

Pradeep Kumar Sharma
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