हिन्दी विश्वविद्यालय में फिर शुरू होगी मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढाई हिन्दी में कराने की कवायद, सीएम ने कहा मांगी जाएगी अनुमति

हिंदी दिवस पर विश्वविद्यालय को मिला भवन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया ऑनलाइन लोकार्पण

भोपाल। हिंदी दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय को अपने भवन की सौगात मिल गई है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के नए भवन का ऑनलाइन लोकार्पण किया है। इस मौके पर सीएम ने कहा कि हिंदी के विकास के लिए शरीर के तौर पर भवन मिल गया है। अब प्रबंधन को हिंदी के विस्तार के लिए हर विषय की पढ़ाई हिंदी में करानी चाहिए। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हिंदी में कराई जाएगी। इसके लिए फिर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया व अन्य आयोग से अनुमति मांगी जाएगी।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज भी कहीं न कहीं मानसिकता ऐसी बना दी गई है कि अंग्रेजी में बात करना प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। सीएम ने कहा कि हिंदी भारत माता के माथे की बिंदी है, निज भाषा की उन्नति में सारी उन्नति समाहित है। हिंदी पूरी दुनिया में बोली जाने वाली तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। हिंदी हमें जोड़ कर रखती है, यह बेहद समृद्ध भाषा है। सीएम ने कहा कि अटल जी ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में भी अपनी बात हिंदी में कह कर केवल हिंदी नहीं पूरे हिंदुस्तान का सम्मान बढ़ाया था। जब चीन में चीनी भाषा में, जर्मनी में जर्मन और जापान में जापानी भाषा में पढ़ाई करते हैं, तो भारत में हिंदी में पढ़ाई क्यों नहीं हो सकती है। एमपी में हमने हिंदी भाषा में कैसे सब विषयों की पढ़ाई हो, इसके लिए प्रयास किए। इसलिए हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की है। वहीं, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हिंदी में हर भाषा और बोली को अपने में समाहित करने की क्षमता है। हिंदी भाईचारे और अपनत्व का पाठ पढ़ाती है। हिंदी हिंदुस्तान की आत्मा और स्वाभिमान है। हिंदी एक भाषा ही नहीं है, ये भारतीय संस्कृति की संवाहक भी है।

सुनील मिश्रा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned