एक अगस्त से कॉलेजों में शुरू होंगे प्रवेश और 2 से प्रोफेसर करेंगे आंदोलन

प्राध्यापकों की नाराजगी- राज्य सरकार अपने हिस्से का भुगतान नहीं कर रही

भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले 500 से अधिक सरकारी कॉलेजों में करीब 10 हजार प्राध्यापक 2 अगस्त से आंदोलन शुरू कर रहे हैं। इसकी घोषणा प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ ने मंगलवार को कर दी है। वहंी एक दिन पहले 1 अगस्त से कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। प्राध्यापकों का यह चरणबद्ध आंदोलन बड़ा स्वरूप लेता है तो उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की जाने वाली एडमिशन प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है। दरअसल, विभाग की ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया ई-सत्यापन में प्राध्यापकों की महत्वपूर्ण भागीदारी होने वाली है। हालांकि अभी 25 अगस्त तक का समय दिया गया है।

आंदोलन के संबंध में संघ के प्रांताध्यक्ष प्रो. कैलाश त्यागी व महासचिव डॉ. आनंद शर्मा ने मुख्य सचिव सहित अन्य आला अधिकारियों को सूचना भेज दी है। इसके अनुसार प्राध्यापक 25 अगस्त तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। भारत सरकार से मप्र सरकार को राशि मिल चुकी है। लेकिन अपने हिस्से की 50 प्रतिशत राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

न्यायालय के दबाव में किया आधा भुगतान...
बताया गया कि प्राध्यापकों के साथ राज्य सरकार हमेशा से भेदभाव करती आ रही है। इस बार भी एरियर्स का भुगतान नहीं किए जाने के कारण हाईकोर्ट में जनवरी 2020 में अपील कर ब्याज सहित एरियर्स के भुगतान की मांग की गई है। इसके बाद राज्य सरकार द्वारा 50 प्रतिशत राशि देकर कोर्ट में जवाब दिया गया। लेकिन अभी भी 50 प्रतिशत राशि मिलना शेष है। यह राशि करीब 300 करोड़ है।

इन मांगों के पूरा नहीं होने पर भी विरोध --

संघ की ओर से बताया गया कि बकाया एरियर्स के भुगतान के अलावा महंगाई भत्ते, गृह भाड़ा भत्ते का भी शासन द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसलिए ाी उन्हें आंदोलन कर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लेना पड़ा।

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एरियर्स की राशि, मंहगाई भत्ता एवं गृहभाड़ा भत्ता नहीं मिलने के कारण प्राध्यापकों में आक्रोश है। इसलिए विरोध स्वरूप प्रदेशव्यापी सांकेतिक आंदोलन करने जा रहे हैं। अभी छात्रहित को ध्यान रखते हुए सरकार को 25 अगस्त तक का समय दिया गया है। इसके बाद संघ आंदोलन को तेज करने की रणनीति तैयार करेगा। ऐसे में एडमिशन प्रक्रिया पर असर पड़ता है तो राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।

प्रो. कैलाश त्यागी, प्रांताध्यक्ष, प्राध्यापक संघ

सुनील मिश्रा
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