जिन छात्रों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं उन्हें भी कॉलेजों में मिल सकेगा प्रवेश

- उच्च शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2021-22 के लिए ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू की जा रही है। इस दौरान ऐसे उम्मीदवार भी रजिस्ट्रेशन कराकर कॉलेजों में एडमिशन ले सकेंगे जिन पर किसी पुलिस थाने में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है। यह जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने शुक्रवार को ट्वीट करके दी है।
उन्होंने कहा है कि यह नियम पिछले सालों से चला आ रहा हैं। इसके अनुसार प्रिंसिपल चाहे तो किसी छात्र को एडमिशन नहीं देगा। उन्होंने कहा कि यह कानून गलत है।

इसकी सूचना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों से मिली है। अन्य लोगों ने भी इस नियम को बदलने की बात कही है। इससे वे भी सहमत हैं। इसलिए उन्होंने विभागीय आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी छात्र पर आपराधिक प्रकरण दर्ज है तो भी उन्हें सामान्य रूप से कॉलेज में प्रवेश दिया जाए। इस आधार पर किसी का प्रवेश रोका नहीं जाए। संबंधित को न्यायालय द्वारा उसके गुण दोष के आधार पर सजा होती है, उसके बाद निराकरण होता है। सिर्फ प्रकरण पंजीबद्ध होने मात्र से किसी का प्रवेश रोकेंगे तो यह ज्यादती होगी। लोकतंत्र में छात्र नेताओं पर कई बार लोक हितैषी मुद्दों जब वह आंदोनल करते हैं तो कई बार प्रकरण पंजीबद्ध होते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रकरण दर्ज होने से जब लोकसभा, विधानसभा के प्रत्याशियों को चुनाव लडऩे से नहीं रोका जा सकता तो किसी भी विद्यार्थी का प्रवेश रोकना गलत होगा। इसलिए हर विद्यार्थी को पढऩे का अवसर मिलना चाहिए। नए सत्र में ऐसे छात्रों को भी उच्च शिक्षा विभाग प्रवेश देने जा रहा है।

सुनील मिश्रा
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