15 दिन में पुलिस के खिलाफ आठ हजार शिकायतें, नहीं हो रही सुनवाई

मध्य प्रदेश में 700 थानों में शुरू हुई थीं महिला डेस्क

By: Hitendra Sharma

Published: 20 Apr 2021, 09:21 AM IST

भोपाल. प्रदेश में महिला अपराध कम करने के लिए सात सौ थानों में महिला डेस्क की स्थापना की गई है। 31 मार्च को एक साथ ये महिला डेस्क शुरू हुई थीं। सरकार का मकसद था कि इससे महिलाएं आगे आकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएंगी और मामले की जांच में कोताही नहीं बरती जाएगी।

महिला डेस्क के गठन का असर नजर नहीं आ रहा है। पिछले 15 दिनों में यानी एक अप्रेल से 15 अप्रेल तक पुलिस के खिलाफ 8176 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई हैं। इनमें से करीब आधी शिकायतें महिलाओं से जुड़ी हुई हैं। आवेदकों ने इसमें पुलिस में सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।

इस तरह के आरोप
1. मुरैना में आवेदक पप्पु जाटव ने पुलिस को हितग्राही संगीता को अगवा करने की शिकायत दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आवेदक ने सीएम हेल्पलाइन में पुलिस के जांच न करने की शिकायत दर्ज कराई।

2. सागर की रोशनी पटेल ने कहा कि पुलिस को कई बार आवेदन किया गया लेकिन अधिकारी एफआइआर नहीं लिख रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही से वे बहुत परेशानी में हैं।

3. शिकायतकर्ता विमला ने कहा कि उसे अनजान नंबर से लगातार परेशान किया जा रहा है, पुलिस को कई बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

MP Police

दरअसल मुश्किल घड़ी में पुलिस से महिलाओं के संपर्क और संवाद को सहज बनाने के लिए सरकार प्रदेश के 700 थानों में उर्जा महिला हेल्प डेस्क स्थापित की हैं। उर्जा महिला डेस्क के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख प्रति डेस्क के हिसाब से सात करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। प्रदेश में पहले से 141 थानों में उर्जा महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं उनको भी इसमें शामिल किया जा रहा है। महिला अपराधों के हिसाब से इन महिला डेस्कों को ए,बी,सी तीन श्रेणियों में बांटा गया है। महिला डेस्क के प्रभारी टीआई और संचालक महिला अधिकारी रहेंगी। जिन थानों में महिला अधिकारी नहीं हैं वहां पर महिला अधिकारी की पोस्टिंग की जा रही है।

महिला हेल्प डेस्क की मुख्य बातें
- इसको अर्जेंट रिलीफ फॉर जस्ट एक्शन यानी उर्जा महिल डेस्क के नाम से जाना जाएगा।
- महिला अपराधों के आधार पर महिला डेस्क को तीन श्रेणी एबीसी में बांटा जाएगा।

- ए श्रेणी साल में 75 से ज्यादा महिला संबंधी अपराध, बी श्रेणी में 40 से ज्यादा अपराध और सी श्रेणी में 40 से कम महिला संबंधी अपराधों की रिपोर्ट के आधार पर बांटा जाएगा।

- थाना प्रभारी महिला हेल्प डेस्क के प्रभारी रहेंगे। महिला डेस्क में पदस्थ महिला अधिकारी डेस्क की संचालक रहेंगी।

- महिला हेल्प डेस्क के लिए अलग से कक्ष की व्यवस्था की जाएगी।

इस श्रेणी में तैनात इतना बल
एक साल में 75 से ज्यादा महिला अपराध वाले थानों की महिला डेस्क को ए श्रेणी में रखा गया है। यहां पर सात पुलिसकर्मियों का स्टाफ तैनात रहेगा। एक महिला एसआई, दो हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल रहेंगे। एक साल में 40-75 महिला अपराधों वाले थानों को बी श्रेणी में रखा गया है। यहां एक महिला एसआई या एएसआई और हेड कांस्टेबल या कांस्टेबल के चार पद रहेंगे। इस तरह कुल पांच पुलिसकर्मियों का स्टाफ यहां तैनात किया जा रहा है। एक साल में जिन थानों में 40 से कम महिला अपराध होते हैं वो महिला डेस्क सी श्रेणी में रहेंगी। यहां पर एक महिला एसआई या प्रधान आरक्षक और तीन पद आरक्षकों के रखे गए हैं।

Hitendra Sharma
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