प्रदेश में चुनावी तस्वीर साफ, 18 सीटों पर कांटे का मुकाबला

प्रदेश में चुनावी तस्वीर साफ, 18 सीटों पर कांटे का मुकाबला

Anil Chaudhary | Publish: Apr, 23 2019 05:16:21 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

- सात पर कांग्रेस तो चार पर भाजपा के प्रत्याशी मजबूत

भोपाल. मध्यप्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। प्रदेश की 18 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर मानी जा रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि कांग्रेस ने सात सीट छिंदवाड़ा, गुना, टीकमगढ़, खजुराहो, सीधी, मंदसौर और रतलाम में मजबूत प्रत्याशी उतारे हैं तो चार सीट रीवा, शहडोल, जबलपुर और होशंगाबाद में कद्दावर प्रत्याशी को टिकट दिया है। वहीं, टिकट न मिलने या टिकट कटने के कारण आठ सीटों पर बगावत के सुर भी उठे हैं। ऐसे में भितरघात का खतरा और वोट के बंटने की संभावना के चलते इन सीटों पर दलों का गणित गड़बड़ाया है। वहीं, खण्डवा, मंदसौर, जबलपुर इत्यादि लोकसभा क्षेत्रों में पुराने प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने हैं। देवास में तो लीक से हटकर प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने न्यायायिक सेवा के रिटायर अफसर तो कांग्रेस ने लोक गायक को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है। प्रदेश की शहडोल लोकसभा सीट ऐसी है जहां भाजपा और कांग्रेस की महिला प्रत्याशी आमने-सामने हैं। जबकि जबलपुर, मंदसौर और खण्डवा सीट पर पुराने प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने हैं। यानी प्रदेश की अधिकांश सीटों पर मुकाबला रोचक है।
- लोकसभा चुनाव में आमने-सामने : यहां जानें दोनों प्रमुख सियासी दल भाजपा और कांग्रेस से कौन कहां प्रत्याशी
लोकसभा सीट - भाजपा - कांग्रेस
मुरैना - नरेंद्र सिंह तोमर - राम निवास रावत
ग्वालियर से सीट बदलकर आए तोमर हर बार सीट बदलते हैं। बसपा ने हरियाणा के पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना और कांग्रेस ने पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को मैदान में उतारा है।

- भिंड - संध्या राय - देवाशीष जरारिया
कांग्रेस ने दलित एक्टिविस्ट को बसपा से लाकर दिया टिकट है। भाजपा प्रत्याशी पर बाहरी होने का आरोप।

- ग्वालियर - विवेक शेजवलकर - अशोक सिंह
39 साल पहले नारायणराव शेजवलकर और राजेन्द्र सिंह आमने सामने थे। अब इनके पुत्र विवेक और अशोक चुनाव लड़ रहे हैं।

 

- गुना - केपी यादव - ज्योतिरादित्य सिंधिया
सिंधिया के सांसद प्रतिनिधि रहे केपी अब भाजपा से चुनाव मैदान में उतरे हैं। भाजपा ने चार बार के सांसद सिंधिया के सामने कमजोर प्रत्याशी उतारा है।

- सागर - राज बहादुर सिंह - प्रभु सिंह ठाकुर
भाजपा के पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह की जिद पर उनके रिश्तेदार राजबहादुर को मैदान में उतारा। कांग्रेस प्रत्याशी प्रभु सिंह के आगे भाजपा प्रत्याशी राज बहादुर का कद कमजोर माना जा रहा है।

- टीकमगढ़ - वीरेंद्र खटीक - किरण अहिरवार
स्थानीय बनाम बाहरी के मुद्दे के बावजूद भाजपा ने फिर खटीक पर लगाया दांव, इस बार हालात नाजुक। भाजपा के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति इस्तीफा देकर सपा से मैदान में उतरे।

- दमोह - प्रहलाद पटेल - प्रताप सिंह लोधी
भाजपा में स्थानीय बनाम बाहरी मुद्दा यहां भी। लोधी मतदाता अधिक हैं, ऐसे में दोनों दलों ने लोधी समाज से बनाए प्रत्याशी।

- खजुराहो - विष्णदत्त शर्मा - कविता सिंह
भाजपा ने संघ के दबाव में पैराशूटी उम्मीदवार वीडी शर्मा को उतारा है। विरोध में पांच भाजपाइयों ने भरा पर्चा। उधर, कांग्रेस ने विधायक विक्रम सिंह नातीराजा की पत्नी कविता सिंह को टिकट दिया है।

- सतना - गणेश सिंह - राजाराम त्रिपाठी
दोनों ही दलों में असंतोष और विरोध। भाजपा की पटेल तो कांग्रेस की ब्राम्हण वोट बैंक पर नजर।

- रीवा - जनार्दन मिश्रा - सिद्धार्थ तिवारी
भाजपा प्रत्याशी मिश्रा के साथ क्षेत्र के सभी आठ विधायक हैं। कांग्रेस ने पूर्व सांसद-विधायक स्व. सुंदरलाल तिवारी के पुत्र टिकट देकर संवेदना का कार्ड खेला है।

- सीधी - रीति पाठक - अजय सिंह
- भाजपा प्रत्याशी रीति का भारी विरोध। स्थानीय विधायकों ने जताया असंतोष। कई लोगों ने छोड़ी पार्टी। कांग्रेस प्रत्याशी अजय सिंह के सामने अंतर्कलह से निपटने की चुनौती।

- शहडोल - हिमाद्री सिंह - प्रमिला सिंह
- दोनों प्रत्याशी पार्टी बदलकर मैदान में उतरीं। हिमाद्री कांग्रेस से भाजपा में तो प्रमिला भाजपा से कांग्रेस में आईं। भाजपा के सांसद ज्ञानसिंह ने खुलेआम जताया विरोध।

- जबलपुर - राकेश सिंह - विवेक तन्खा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सिंह के सामने कांग्रेस ने एक बार फिर विवेक तन्खा को मैदान में उतारा है। वे पिछला चुनाव दो लाख से अधिक मतों से हारे थे।

- मंडला - फग्गन सिंह कुलस्ते - कमल मरावी
स्टिंग ऑपरेशन में फंसे भाजपा प्रत्याशी कुलस्ते संकट में हैं। कांग्रेस ने यहां से युवा चेहरे को मैदान में उतारा।

- बालाघाट - ढाल सिंह बिसेन - मधु भगत
- बिसेन को पार्टी के सांसद बोध सिंह से चुनौती मिल रही है। बोधसिंह ने निर्दलीय पर्चा भरा है। इधर, कांग्रेस ने विधानसभा का चुनाव हारे मधु भगत को मैदान में उतारा।

- छिंदवाड़ा - नत्थन शाह कवरेती - नकुलनाथ
मुख्यमंत्री कमलनाथ की परंपरागत सीट पर उनके पुत्र नकुलनाथ कांग्रेस प्रत्याशी हैं। भाजपा ने कमजोर प्रत्याशी मैदान में उतारा। उधर, गोंडवाना के प्रत्याशी कांग्रेस में शामिल हुए।

- होशंगाबाद - राव उदय प्रताप सिंह - शैलेन्द्र दीवान
कांग्रेस के पास चेहरे का संकट। भाजपा के सामने कमजोर प्रत्याशी। जातिगत समीकरण दे सकते हैं चौंकाने वाले नतीजे

- विदिशा - रमाकांत भार्गव - शैलेन्द्र पटेल
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने गढ़ में करीबी को दिलाया टिकट। उधर, कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव हार चुके युवा चेहरे पटेल पर लगाया दांव।

- भोपाल- साध्वी प्रज्ञा ठाकुर - दिग्विजय सिंह
दिग्विजय के खिलाफ भाजपा ने प्रज्ञा को उतारकर देश की हाईप्रोफाइल सीट में भोपाल को शामिल किया। वोट के ध्रुवीकरण के आसार हैं। इस चुनाव का असर पूरे देश में होगा।

- राजगढ़ - रोडमल नागर - मोना सुस्तानी
अपनी ही पार्टी के विरोध के चक्रव्यूह में फंसे नागर। दिग्विजय ने अपने करीबी सुस्तानी परिवार पर जताया भरोसा। धाकड़ समाज को साधने दोनों दलों ने धाकड़ प्रत्याशी पर लगाया दांव।

- देवास - महेन्द्र सोलंकी - प्रहलाद टिपाणिया
भाजपा ने सिविल जज सोलंकी पर जताया भरोसा तो कांग्रेस लेकर आई लोक गायक टिपाणिया को मैदान में।

- उज्जैन - अनिल फिरोजिया - बाबूलाल मालवीय
दोनों दलों ने पूर्व विधायकों को दिया टिकट। प्रभावी और बड़े चेहरे का संकट।

- मंदसौर - सुधीर गुप्ता - मीनाक्षी नटराजन
कार्यकर्ताओं में भारी विरोध, पुतले जले इसके बावजूद भाजपा ने गुप्ता पर जताया भरोसा। कांग्रेस ने पिछला चुनाव हार चुकीं नटराजन को मैदान में उतारा।

- रतलाम - जीएस डामोर - कांतिलाल भूरिया
भाजपा के सामने चेहरे का संकट, नियम तोड़ विधायक को बनाया प्रत्याशी। डामोर ने पहले बेटे को हराया अब पिता कांतिलाल को दी चुनौती। कांतिलाल अपने गढ़ में पहली बार मुश्किल में।

- धार - छतर सिंह दरबार - दिनेश गिरवाल
दोनों दलों के सामने चेहरे का संकट। स्थानीय नेताओं के विरोध के बावजूद उम्रदराज छतरसिंह पर जताया भरोसा। कांग्रेस ने राजूखेड़ी का टिकट काट बढ़ा ली मुश्किल।

- इंदौर - शंकर लालवानी - पंकज संघवी
30 साल में पहली बार सुमित्रा महाजन के बिना चुनाव। यानी इंदौर से इस बार नया चेहरा पहुंचेगा संसद।

- खरगौन - गजेन्द्र सिंह पटेल - डॉ. गोविंद मुजाल्दा
भाजपा ने एक भी चुनाव नहीं जीते पटेल को उतारा तो कांग्रेस ने नए चेहरे को दिया मौका।

- खंडवा - नंदकुमार सिंह चौहान - अरुण यादव
दोनों दलों के पूर्व अध्यक्ष और चिर प्रतिद्वंद्वी चौहान और यादव एक बार फिर आमने-सामने। दोनों के लिए ये चुनाव उनके कैरियर का ग्राफ तय करेगा।

- बैतूल - दुर्गादास उइके - रामू टेकाम
- भाजपा ने संघ के कहने पर स्कूल मास्टर को बनाया प्रत्याशी। वहीं, कांग्रेस ने मध्यमवर्गीय परिवार के युवा चेहरे को उतारा मैदान मेें।

 

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