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ऊर्जा मंत्री का दावा- बिजली नहीं होगी महंगी

- शिवराज का बिजली बिल जमा न करने के लिए कहकर फैला रहे अराजकता, भोपाल में ४२ व इंदौर में ६२ फीसदी लोग सस्ती बिजली योजना में

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One lakh electricity consumers notice

एक लाख बिजली उपभोक्ताओं को नोटिस, अब दिखाना होगा श्रमिक का प्रमाण पत्र

भोपाल। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने दावा किया है कि मध्यप्रदेश में बिजली महंगी नहीं होगी। बिजली कंपनियों द्वारा पिछले चार साल के ट्रू-अप प्लान और अगले वित्तीय वर्ष के लिए बिजली महंगी करने की याचिका दायर करने के सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली महंगी नहीं होने दी जाएगी। सरकार अपना पक्ष रखेगी।

ऊर्जा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में सोमवार को यह भी कहा कि अभी प्रदेश में 1.17 करोड़ लोग इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत सस्ती बिजली का लाभ ले रहे हैं। लेकिन, पूर्व सीएम पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान लोगों को बिजली बिल न जमा करने के लिए कह रहे हैं। यह अराजकता फैलाना है। यह सरकारी काम में बाधा डालने के समान भी है, इसलिए हम विधिक परामर्श लेंगे कि इस पर क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जिस जमुनाबाई को भाजपा नेताओं ने मंच पर लाकर बिजली की मालाएं पहनाई और बताया कि एक लाख बिल आया, उसका अक्टूबर 2019 का बिल 96 रुपए आया है। इस बिल पर सरकार ने 319 रुपए की सबसिडी दी है। बिजली बिल में यदि पुराना बकाया है, तो वह भी जुडक़र आता है। इसलिए शिवराज सहित भाजपा नेता लोगों में भ्रम फैला रहे हैं, जबकि हम ऐतिहासिक रूप से सबसे सस्ती बिजली प्रदेश में दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल में 42 फीसदी, छिंदवाड़ा में 93, सागर में 88, बड़वानी में 93, इंदौर में 62, उज्जैन में 77 और झाबुआ में 94 फीसदी लोग सस्ती बिजली की योजना का लाभ ले रहे हैं।


ऊर्जा मंत्री ने विगत 7 दिसम्बर को कतिपय लोगों द्वारा सागर में एक वृद्ध महिला के गले में बिजली बिल की माला डालकर बिल अधिक आने के संबंध में निरर्थक प्रचार की निंदा की। उन्होंने बताया कि उस महिला का वास्तव में कुल बिल 96 रूपये का ही आया था।

सिंह ने बताया राज्य सरकार ने किसानों का बिजली बिल आधा किये जाने नियत समय में पूरा किया है। इसी के साथ, दस हार्स पॉवर तक के कृषि पंप उपभोक्ताओं की विद्युत दरों को आधा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में जो 1400 रूपये प्रति हार्स पॉवर, प्रतिवर्ष कृषि पंपों की विद्युत दर निर्धारित थी, उसे एकदम आधा करके राज्य सरकार ने 700 रूपये प्रति हार्स पॉवर कर दिया है।

इससे 19 लाख 91 हजार किसान लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना में प्रति किसान लगभग 47 हजार करोड़ रूपये प्रति वर्ष सब्सिडी दी जा रही है। श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि इतना ही नहीं, हमने स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के अतिरिक्त अस्थायी कृषि पंप उपभोक्ताओं की विद्युत दर पूर्व की सरकार की तुलना में बहुत कम कर दी है। साथ ही एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को 5 हार्स पॉवर तक के कृषि