मप्र में खुलेगा इंजीनियरिंग क्लस्टर, मिलेगी विश्व स्तरीय तकनीक

केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, प्रदेश का होगा तीसरा क्लस्टर

 

By: govind agnihotri

Published: 20 Mar 2021, 02:13 AM IST

भोपाल. केंद्र सरकार ने गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र (जीआइए) में इंजीनियरिंग क्लस्टर खोलने को मंजूरी दे दी है। यहां के 800 से अधिक उद्यमी और राज्य शासन के आठ साल से उक्त क्लस्टर के लिए किए जा रहे प्रयासों को केन्द्र की अंतिम मुहर लग गई। प्रदेश में यह तीसरा क्लस्टर होगा, जहां उद्योगपतियों को विश्वस्तरीय तकनीक के साथ सारी सुविधाएं मिलेंगी।
जीआइए के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व मैनिट द्वारा की गई डायगोनेस्टिक स्टडी रिपोर्ट के आधार पर गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र को इंजीनियरिंग क्लस्टर के रूप में प्रस्ताव मांगा गया था। इस आधार पर जीआइए ने नॉन प्राफिट सेक्शन 8 के तहत एक कंपनी बनाकर कामन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने की रिपोर्ट तैयार की, जिसमें उक्त क्लस्टर में एनएबीएल से मान्यता प्राप्त टेस्ट लैब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, आइटी सेंटर, प्रोसेस सेंटर और रॉ मटेरियल बैंक रहेगा।

इकाइयों को मिलेगा भरपूर मैन पावर
सिंह ने बताया कि इस सेंटर के बनने से यहां की इकाइयों को विश्वस्तरीय उत्पादन तैयार करने के लिए मैन पावर, लेटेस्ट मशीन एवं सॉफ्टवेयर, टेस्ट लैब एवं उचित दर पर उ'च क्वालिटी का रॉ मटेरियल प्राप्त होगा। इससे रोजगार एवं एक्सपोर्ट में वृद्धि होगी, जो समय की मांग है। इसकी लागत लगभग 15 करोड़ रुपए होगी। इस लागत का 70 प्रतिशत 10.5 करोड़ केन्द्र शासन से अनुदान, 10 प्रतिशत राज्य शासन ने अपने अंश के रूप में स्टेट बैंक के सामने &0 हजार वर्गफीट की भूमि दी है। शेष 20 प्रतिशत राशि की व्यवस्था उद्यमियों द्वारा की जाएगी।

इनके सहयोग से मिला मुकाम
अमरजीत के अनुसार इस योजना को इस मुकाम पर पहुंचाने में औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के साथ तत्कालीन उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, वर्तमान एमएमएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, पूर्व आयुक्त स्व. टी. धर्माराव, पूर्व प्रमुख सचिव कान्ताराव एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, उद्योग आयुक्त आदि का सहयोग रहा।

govind agnihotri Reporting
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