scriptExports reduced due to costlier DOC | 70 फीसदी घटा सोया खली का निर्यात, जानिए सोयाबीन किसानों का नफा-नुकसान का पूरा गणित | Patrika News

70 फीसदी घटा सोया खली का निर्यात, जानिए सोयाबीन किसानों का नफा-नुकसान का पूरा गणित

लंबे अर्से से सोयाबीन के दाम तेजी पर बने हुए हैं

भोपाल

Published: April 14, 2022 06:56:35 pm

भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे अर्से से सोयाबीन के दाम तेजी पर बने हुए हैं। इससे एक ओर जहां किसानों को लाभ हो रहा है वहीं भविष्य में इसका खासा नुकसान भी झेलना होगा। सोयाबीन के महंगे होने का असर सिर्फ खाद्य तेल पर ही नहीं हो रहा बल्कि निर्यात बाजार में भी इसका असर देखा जा रहा है। करीब एक साल से सोयाबीन के भाव उच्च स्तर पर हैं जिससे भारत में बन रही सोया खली अर्थात डीओसी अब महंगी पड़ने लगी है। डीओसी की लागत महंगी होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारा निर्यात सिमट गया है। इससे खासतौर पर मालवा अंचल के सोयाबीन किसानों को नुकसान होगा।
soya-doc.png
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार देश से सोया डीओसी के निर्यात में 70 फीसदी की गिरावट हुई है. फसल सीजन के पहली अक्टूबर 2021 से चालू हुई पहली छमाही यानि अक्टूबर 21 से मार्च 22 के दौरान आकर कुल निर्यात केवल 4.72 लाख टन हुआ। सोपा के अनुसार बीते फसल सीजन की समान अवधि में सोया खली का निर्यात 16.31 लाख टन हुआ था।
गुरुवार को प्रदेशभर की प्रमुख मंडियों में सोयाबीन के खासे दाम मिले। नर्मदापुरम जिले की
इटारसी मंडी में सोयाबीन 7100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिका वहीं गुना मंडी में भी सोयाबीन के दाम न्यूनतम 6900 और अधिकतम 7480 रुपए प्रति क्विंटल रहे। इधर सबसे बड़ी इंदौर मंडी में सोयाबीन न्यूनमत 6690 से अधिकतम 7690 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिका। अभी किसानों को इससे खासा लाभ हो रहा है पर सोयाबीन की यही महंगाई भारी भी पड़ रही है।
मार्च अंत तक उत्पादक मंडियों में 61 लाख टन सोयाबीन की आवक हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 74.75 टन से कम है। सोपा के अनुसार करीब एक साल से सोयाबीन के भाव उच्च स्तर पर बने हुए हैं जिसके कारण भारत में बन रही सोया खली अमेरिका और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों के मुकाबले महंगी पड़ने लगी है। भारतीय डीओसी महंगी हो जाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात घट गया है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान इंदौर सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र को हुआ है. यहां से सोयाबीन डीओसी का निर्यात कर बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा अर्जित की जा रही थी। इतना ही नहीं, इससे आनेवाले सीजन में भी सोयाबीन का रकबा कम होने की आशंका है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

बुध जल्द वृषभ राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ समय, बनेगा हर कामज्योतिष: रूठे हुए भाग्य का फिर से पाना है साथ तो करें ये 3 आसन से कामजून का महीना किन 4 राशियों की चमकाएगा किस्मत और धन-धान्य के खोलेगा मार्ग, जानेंमान्यता- इस एक मंत्र के हर अक्षर में छुपा है ऐश्वर्य, समृद्धि और निरोगी काया प्राप्ति का राजराजस्थान में देर रात उत्पात मचा सकता है अंधड़, ओलावृष्टि की भी संभावनाVeer Mahan जिसनें WWE में मचा दिया है कोहराम, क्या बनेंगे भारत के तीसरे WWE चैंपियनफटाफट बनवा लीजिए घर, कम हो गए सरिया के दाम, जानिए बिल्डिंग मटेरियल के नए रेटशादी के 3 दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन नहीं जा सकते टॉयलेट! वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी खबरें

'तमिल को भी हिंदी की तरह मिले समान अधिकार', CM स्टालिन की अपील के बाद PM मोदी ने दिया जवाबहिन्दी VS साऊथ की डिबेट पर कमल हासन ने रखी अपनी राय, कहा - 'हम अलग भाषा बोलते हैं लेकिन एक हैं'Asia Cup में भारत ने इंडोनेशिया को 16-0 से रौंदा, पाकिस्तान का सपना चूर-चूर करते हुए दिया डबल झटकाअजमेर की ख्वाजा साहब की दरगाह में हिन्दू प्रतीक चिन्ह होने का दावा, पुलिस जाप्ता तैनातबोरवेल में गिरा 12 साल का बालक : माधाराम के देशी जुगाड़ से मिली सफलता, प्रशासन ने थपथपाई पीठममता बनर्जी का बड़ा फैसला, अब राज्यपाल की जगह सीएम होंगी विश्वविद्यालयों की चांसलरयासीन मलिक के समर्थन में खालिस्तानी आतंकी ने अमरनाथ यात्रा को रोकने की दी धमकीलगातार दूसरी बार हैदराबाद पहुंचे PM मोदी से नहीं मिले तेलंगाना CM केसीआर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.