फेसबुक-वॉट्सएप की लत लगी हुई है, अब कैसे मिलेगा छुटकारा

फेसबुक-वॉट्सएप की लत लगी हुई है, अब कैसे मिलेगा छुटकारा

hitesh sharma | Publish: Feb, 12 2019 09:59:20 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

माध्यमिक शिक्षा मंडल के हेल्पलाइन सेंटर्स पर स्टूडेंट्स ले रहे काउंसलर्स की मदद

भोपाल। परीक्षा सिर पर है, लेकिन फेसबुक और वॉट्सएप की लत लगी हुई है। इनसे किस तरह छुटकारा मिल सकता है? सोशल साइट्स से दूर रहकर किस तरह तैयारी की जा सकती है? मैं परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए किस तरह टाइन शेड्यूल बना सकता हूं? पैरेंट्स टॉप करने के लिए दबाव बना रहे हैं, मैं किस तरह अपने आप को तनाव से दूर रख सकता हूं? कुछ इस तरह के सवाल माध्यमिक शिक्षा मंडल की हेल्पलाइन सेंटर्स पर स्टूडेंट्स द्वारा पूछे जा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की हेल्पलाइन पर स्टूडेंट्स 24 घंटे कॉल कर अपनी परेशानी का हल पूछ सकते हैं। यहां चार शिफ्ट में छह काउंसलर्स स्टूडेंट्स की काउंसलिंग कर रहे हैं। यहां प्रतिदिन सात सौ आठ सौ कॉल आ रहे हैं। अब तक यहां दस हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स अपनी समस्या को लेकर सवाल पूछ चुके हैं।

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इन नंबर्स पर मिलेगी मदद:
माशिमं ने स्टूडेंट्स के लिए हेल्पलाइन नंबर 0755-2570248, 0755-2570258 और टॉल फ्री नंबर 18002330175 पर जारी किए हैं।
एक्सपट्र्स की ले सकते हैं मदद
डायरेक्टर विज्ञान केंद्र हेमंत शर्मा के अनुसार स्टूडेंट्स की हेल्प के लिए सब्जेक्ट्स वाइज एक्सपट्र्स भी हैं। स्टूडेंट्स इनसे समय लेकर अपनी क्यूरी साझा कर सकते हैं। स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा समस्या गणित, बायोलॉजी, फिजिक्स, केमेस्ट्री और एकाउंट्स में होती है। शहर के टॉप टीचर्स को पैनल में रखा गया है। इनसे संपर्क करने के लिए स्टूडेंट्स को पहले हेल्पलाइन पर ही कॉल करना होगा।

पूरे साल मदद करेगी हेल्पलाइन
हेमंत शर्मा के अनुसार पहले एग्जाम के बाद मई तक हेल्पलाइन सेंटर चलता थी। रूक जाना नहीं स्कीम के बाद पिछले साल इसे 26 अगस्त तक चलाया गया। स्टूडेंट्स ने एक लाख से ज्यादा कॉल किए। इस साल से हेल्पलाइन को पूरे साल चलाया जाएगा। स्टूडेंट्स सब्जेक्ट, कॉलेज चयन से लेकर करियर ऑप्शन को लेकर भी सवाल कर सकेंगे।
ऐसा तैयार किया शेड्यूल
1. साइंस के एक दिन में दो विषयों की ही तैयारी करें।
2. याद रखने की समस्या तो लिख-लिख कर याद करें।
3. पुराने पेपर्स को सॉल्व कर टाइम मैनेजमेंट सीखें।
4. सिबेलस के छोटे सब्जेक्ट स्कोरिंग होते हैं, इन्हें निगलेट नहीं करें।
4. योग से स्ट्रेस दूर करें। ठंड से बचाव करें।
5. तला कम खाए और स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

पैरेंट्स दबाव न डालें, करें सपोर्ट
केस-1 हेल्पलाइन सेंटर पर स्टूडेंट अमित ने बताया कि पैरेंट्स बार-बार टॉप करने के लिए कहते हैं। इस कारण मुझ पर पढ़ाई को लेकर बहुत दबाव है। मैं खुद को डिप्रेशन में महसूस कर रहा हूं। काउंसर ने स्टूडेंट्स को समझाइश देने के साथ ही पैरेंट्स को बच्चों के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करने की सलाह दी। स्टूडेंट्स से भी कहा गया कि वे अपनी परेशानी भी पेरेन्ट्स के साथ शेयर करें।
केस-2 स्टूडेंट केपी सिंह ने पूछा कि लेसन को कई बार याद कर चुका हूं, लेकिन कुछ ही देर में इसे भूल जाता हूं। याद रखने के लिए क्या करूं? काउंसलर्स ने स्टूडेंट्स को मोटिवेट करने के साथ ही थ्योरी याद करने के लिए तरीके बताए। साथ ही देर रात तक न जागने की सलाह दी।
केस-3 स्टूडेंट राहुल ने कॉल कर पूछा कि पेपर टफ तो नहीं आएंगे। एग्जाम में किन टॉपिक्स से ज्यादा सवाल पूछे जाते हैं। काउंसलर ने बताया कि वे कम से कम पिछले पांच सालों के पेपर्स सॉल्व करें। इससे उन्हें पैटर्न समझने में मदद मिलेगी। साथ ही स्पीड भी बढ़ेगी। हर टॉपिक्स पर फोकस कर तैयारी करेंगे तो स्कोरिंग करने में मदद मिलेगी।
केस-4 स्टूडेंट प्रवीण ने पूछा कि फरवरी अंत में साइंस के प्रैक्टिल एग्जाम होना है। इसकी प्रिपरेशन किस तरह करूं। काउंसलर्स ने बताया कि प्रैक्टिल में उन्हें सालभर जो रिसर्च की है, उसी पर बेस्ड सवाल पूछे जाएंगे। एग्जामिनर प्रैक्टिल रजिस्टर से भी सवाल कर सकता है, इसलिए इसकी भी तैयारी रखें।

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