किसानों की किस्मत चमकी, हुआ 750 करोड़ का मुनाफा

- चना-सरसों की खरीद सीमा बढ़ाने का असर

By: anil chaudhary

Published: 16 May 2020, 05:19 AM IST

भोपाल. लॉकडाउन के कारण मध्यप्रदेश में चना और सरसों की खेती करने वाले करीब सवा छह लाख किसानों की किस्मत चमक गई है। पिछली कांग्रेस सरकार ने चने की खरीद सीमा 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और सरसों की 13 से 18 क्विंटल रखी थी। भाजपा सरकार ने कोरोना संक्रमण के कारण बनी परिस्थितियों में खरीद सीमा बढ़ाई तो किसानों को 15 दिनों में 750 करोड़ रुपए का मुनाफा होने की उम्मीद है।
कृषि मंत्री कमल पटेल ने पिछले दिनों प्रदेशभर से चना-सरसों की आनावारी रिपोर्ट मंगवाई और हर जिले में चने की खरीद सीमा बढ़ाकर 15 से 20 क्विंटल कर दी। वहीं, सरसों अब हर जिले में 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मान से ली जा रही है। इसका लाभ चना के 5 लाख 3 हजार और सरसों के 1 लाख 21 हजार किसानों को होगा।
- छिंदवाड़ा में थी 19 क्विंटल की सीमा
तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के गृह जिले नरसिंहपुर में चना खरीद की सीमा 19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। जबकि, ये प्रदेश के सबसे ज्यादा चना उत्पादक जिले नहीं हैं।
- सिंधिया ने लिखी थी चि_ी
चना और सरसों की खरीद सीमा बढ़ाने के लिए पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कृषि मंत्री पटेल को पत्र लिखा था। उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी बात की थी।

कांगेस सरकार ने किसानों को उनके उत्पादन से बहुत कम अनाज खरीदने का प्लान बनाया था। पिछले साल भी किसानों को उन्होंने इसी तरह से नुकसान पहुंचाया था। हमने आनावारी रिपोर्ट के आधार पर चना-सरसों की खरीद सीमा बढ़ाई है, इससे किसानों को लगभग 750 करोड़ का लाभ होगा।
- कमल पटेल, कृषि मंत्री

कमलनाथ बोले, कब रुकेगी सड़कों पर अकाल मौत
- कांग्रेस का सरकार पर निशाना
भोपाल. मजदूरों की सड़क हादसों में मौत के लिए कांग्रेस ने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि फिर सड़क हादसे का कहर मजदूरों पर टूटा है। गुना में आठ मजदूरों की मौत हो गई और ५० घायल हो गए। कमलनाथ ने कहा कि मंै सरकार से मांग करता हूं कि घायलों का समुचित इलाज हो और पीडि़त परिवारों की आर्थिक सहायता की जाए।
कमलनाथ ने सवाल उठाया कि आखिर इस महामारी काल में रोजी-रोटी के अभाव में महाप्रस्थान की पीड़ा झेल रहे गरीब और लाचार मजदूरोंं की सुरक्षित घर वापसी कब होगी। सड़कों पर इनकी अकाल मृत्यु कब रुकेगी।
- केंद्र सरकार ने आपदा को लूट के अवसर में बदला
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राज में कोरोना संकट जैसी आम जनता की आपदा को मोदी और उनके समर्थकों के लिए लूटने का सही अवसर है। गुना में मजदूरों का ट्रक बस से टकरा गया, जिसमें आठ मजदूरों की मौत हो गई और 50 घायल हो गए। सरकार प्रभावित परिवारों को मुआवजा दे। उन्हें सरकारी खर्च पर घर तक पहुंचाए। भाजपा हमेशा से मजदूर किसान विरोधी रही है। पीएम गरीबों का लच्छेदार भाषणों से ही भरना चाहते हैं। यही मोदी का आपदा में अवसर है, जिसे उन्होंने बड़े-बड़े कृषि उपज व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू किया है।

anil chaudhary
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