10 जून तक फीस नियंत्रण आदेश नहीं हुआ तो हाईकोर्ट जाएगा नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच

- अभिभावक रविवार को घर से पोस्टर, बैनर बनाकर करेंगे केवल ट्यूशन फीस वसूली की मांग

- अधिक वसूली कर चुके स्कूलों से अभिभावकों ने वापस मांगी बढ़ी हुई राशि

By: praveen malviya

Updated: 16 May 2020, 09:46 PM IST

भोपाल. फीस नियंत्रण एक्ट के लिए 2011 से संघर्ष कर रहे नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने लॉकडाउन अवधि में मनमानी फीस वसूली के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। मंच केवल ट्यूशन फीस लिए जाने की मांग को लेकर अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज करा रहा है। मंच का कहना है कि, यदि इसके बाद भी 10 जून तक फीस नियंत्रण के आदेश जारी नहीं होते हैं, तो मंच इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाएगा। दूसरी और राज्य सरकार की ओर से सत्र 2020- 21 में फीस नहीं बढ़ाने के आदेश के बावजूद इस सत्र की फीस बढ़ाकर वसूली कर चुके स्कू ल अतिरिक्त फीस को दबाकर बैठे हुए हैं। अभिभावकों ने अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस करने की मांग की है जिस पर बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। ऐसे स्कू लों के खिलाफ नोटिस जारी करने की तैयारी है।

फीस रेगुलेशन एक्ट के कानून बनाने की याचिका है लंबित, नियंत्रण के लिए लगाएंगे नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच 2011 से निजी स्कू  लों की फीस नियंत्रित करने की आवाज उठा रहा है। मंच ने 2014 में हाईकोर्ट में जनहित याचिक दायर की थी। कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद राज्य सरकार 2016 में गाईड लाइन जारी की लेकिन अभिभावकों की ओर से भारी विरोध होने पर उसे वापस ले लिया। इसके बाद 2017 में फिर याचिका दायर की गई जिस पर हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद राज्य सरकार ने 2018 में कानून बनाया। कानून बनने के एक साल बाद तक जब इसके नियम नहीं बनाए गए तो मंच ने 2019 में जल्द नियम बनाने के लिए याचिका दायर की। यह याचिका कोर्ट में लंबित है। बढ़ाकर वसूल ली फीस, अब वापस करने को तैयार नहीं शैक्षणिक सत्र 2020-21 शुरू होते ही शहर के एक दर्जन से अधिक स्कूलों ने अपनी फीस में बढ़ोत्तरी कर दी थी। अधिकांश ने 10 तो कई ने इससे ज्यादा वृद्धि की थी, जिसका विरोध भी हुआ था। लॉकडाउन के दौरान बिगड़े हालातों को देखते हुए स्कू  ल शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र में किसी भी तरह की फीस वृद्धि पर रोक लगा दी। लेकिन इससे पहले ही यह स्कूल सैंकड़ों अभिभावकों से करोड़ों की वसूली कर चुके हैं। बड़ी संख्या में अभिभावक तिमाही की फीस बढ़ी हुई दर पर जमा कर चुके हैं। राज्य सरकार के निर्देश आने के बावजूद यह स्कू ल फीस पर चुप्पी साधे हुए हैं।

राज्य शासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करके इस सत्र में फीस बढ़ोत्तरी पर रोक लगाई है। लेकिन कई स्कूल पहले ही फीस बढ़ा चुके थे जो कई अभिभावकों से बढ़ी फीस की वसूली भी कर चुके हैं। शासन के आदेश के बाद प्रबंधन अतिरिक्त वसूली गई फीस वापसी पर अभिभावकों के मेल का जवाब तक नहीं दे रहे हैं। ऐसे कई अभिभावकों ने आयोग को शिकायत सौंपी है, इसके आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। वे जल्द ही ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी करने जा रहे हैं।

ब्रजेश चौहान, सदस्य, बाल संरक्षण आयोगवापसी करने को तैयार नहीं है।

praveen malviya Reporting
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