आर्थिक संकट, धान खरीदी के बाद भी नहीं किया भुगतान

किसानों को 1790 करोड़ में से अब तक मात्र 94 करोड़ रुपए का हुआ भुगतान

डेढ़ लाख किसानों के अटके 1676 करोड़ रुपए

By: Ashok gautam

Updated: 06 Jan 2020, 08:29 AM IST

आर्थिक संकट, धान खरीदी के बाद भी नहीं किया भुगतान,

भोपाल। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान सहित अन्य अनाज खरीदी के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है। एक माह में १० लाख टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदी गई है। किसानों को 1790 करोड़ में से अब तक मात्र 94 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है। आर्थिक संकट के चलते प्रदेश के डेढ़ लाख किसानों के लगभग1676 करोड़ रुपए का भुगतान अटका हुआ है।

धान का पैसा नहीं मिलने से किसान खाद सहित अन्य जरुरी सामान बाजार से नहीं खरीद पा रहे हैं। बताया जाता है कि सिर्फ बीस हजार किसानों को ही धान खरीदी के बाद उन्हें पूरी राशि भुगतान किया गया है। बाकी 95 फीसदी किसानों को आधी-अधूरी राशि का भुगतान किया गया है। इस संबंध में कई जिलों किसानों समितियों और खरीदी केन्द्रों पर तत्काल राशि भुगतान के संबंध में आवेदन भी दिया है।

धान परिवहन न होने से भी अटका भुगतान
खरीदी के 20 से 25 दिन बाद भी खरीदी केन्द्रों से धान का परिवहन नहीं हो पा रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम और विपणन संघ ने धान परिवहन का ठेका जिन कंपनियों को दिया है वे धान का समय पर परिवहन नहीं कर रही हैं। इसके अलावा तकरीबन आधा दर्जन जिले एेसे हैं जहां अब तक धान परिवहन का टेंडर ही नही हो पाया है। अब तक खरीदे गए १० लाख टन में से मात्र ६ लाख टन धान का परिवहन हो पाया है। शेष चार लाख टन धान अभी मंडियों में ही रखी हुई है। धान के गोदाम में पहुंचने के बाद ही किसान को खरीदी पर्ची मिलेगी। इसके बाद किसानों के खाते में पैसा पहुंचेगा।


बालाघाट-पन्ना की धान गुणवत्ता पर खरी नहीं

बालाघाट और पन्ना जिले की धान गुणवत्ता की कसौटी पर खरी न उतरने के कारण उसका लॉट रिजेक्ट किया गया है। अब तक कुल 98 .३८ टन धान का लॉट खारिज किया गया है। इन जिलों में किसानों ने अच्छी धान के साथ खराब धान भी मिला कर बेच दी। जांच-पड़ताल के बाद ये मामला सामने आया। अधिकारियों ने इन किसानों की धान रिजेक्ट कर वापस ले जाने के लिए कहा है। इन दो जिलों में धान खराब आने के कारण खाद्य विभाग ने सभी किसानों को गुणवत्ता की जांच करने के बाद धान खरीदी के लिए कहा है। विभाग ने यह भी कहा है कि खरीदी केन्द्रों पर धान की गुणवत्ता जांचने के बाद भी गोदामों में इसका पुन: परीक्षण किया जाए। एफएक्यू के अनुसार धान नहीं पाई जाती है उसके खरीदी की पर्ची जारी नहीं की जाए।

2३ जिलों में नहीं खुले खाते
प्रदेश के 2३ जिलों में धान खरीदी के अभी तक खाते नहीं खुले हैं। पांच जिलों में दो से तीन क्विंटल ही धान की खरीदी हो पाई है। जबकि इन जिलों में हजारों किसानों ने धान बेंचने के लिए रजिस्ट्रशन कराए थे। इसके पीछे की मुख्य वजह खरीदी केन्द्रों से ज्यादा धान की कीमत खुले बाजार में मिलना बताया जा रहा है।


सबसे ज्यादा धान खरीदी कटनी में

प्रदेश के दस जिलों में बम्पर धान की खरीदी हुई है। इसमें सबसे ज्यादा कटनी जिले 108812.95 टन धान की धान की खरीदी हुई है। इसके अलावा रीवा, सीधी, सतना, मंडला जिले में धान की खरीदी हुई है। हालांकि धान की खरीदी फरवरी तक जारी रहेगी।

Ashok gautam
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