scriptFire in the pediatric ward of Kamala Nehru Hospital due to spark cause | न्योनेटल वेंटिलेटर चालू करने से उठी चिनगारी से कमला नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में आग | Patrika News

न्योनेटल वेंटिलेटर चालू करने से उठी चिनगारी से कमला नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में आग

यह जानकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने विधायक सज्जन सिंह वर्मा के कमला नेहरू पीडियाट्रिक वार्ड में आगजनी से चार बच्चों की मौत से जुड़े सवालों का विधानसभा को लिखित जवाब में दी

दुर्घटना होने वाले कक्ष की आंतरिक वायरिंग अग्नि से क्षतिग्रस्त नहीं हुई है।

भोपाल

Published: December 24, 2021 09:33:24 pm

भोपाल। राजधानी के कमला नेहरू गैस राहत अस्पताल के वेंटिलेटर चालू करते समय उत्पन्न चिनगारी से वेंटिलेटर की बैटरी तथा उपकरण के जरिए पीडियाट्रिक वार्ड में आग लगी थी। यह जानकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने विधायक सज्जन सिंह वर्मा के कमला नेहरू पीडियाट्रिक वार्ड में आगजनी से चार बच्चों की मौत से जुड़े सवालों का विधानसभा को लिखित जवाब में दी। जवाब के साथ ही उन्होंने एसीएस मो.सुलेमान द्वारा घटना की जांच रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश की है।
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि अग्नि दुर्धाटना न्योनेटल वेंटीलेटर के चालू करते समय उत्पन्न चिंनगारी से वेंटीलेटर में आग लगने के कारण तथा संभवत: वेंटीलेटर की बैटरी तथा उपकरण के ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग लगी। दुर्घटना होने वाले कक्ष की आंतरिक वायरिंग अग्नि से क्षतिग्रस्त नहीं हुई है।
39 new corona positives found in Rajasthan today
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आग लगने की सटीक तकनीकी कारणों की जानकारी अग्नि दुर्घटना के विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर ही ज्ञात किया जा सकता है। घटना स्थल पर मौजूद स्टाफ ने तत्काल अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग फैलने से रोका है। निर्णयात्मक कार्यवाही के चलते 40 गंभीर रूप से उपचाररत नवजातों में से 36 को बचाने में सफलता मिली है। इस तरह की घटना अस्पतालों में दोबारा न हो इसके लिए सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और उससे संबदद्ध चिकित्सालयों में फायर सेफ्टी एवं इलक्ट्रिक आडिट सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

आग लगने के बाद फायर एनओसी लेने किया आवेदन
कमला नेहरू गैस अस्पताल का रख-रखाव सीपीए करता है। इस अस्पताल के पीडियाट्र्रिक वार्ड में आठ नवम्बर को शाम 8 बजकर 30 मिनट पर आग लगी थी। जबकि सीपीए ने भवन के फायर एनओसी के लेने के लिए 10 नवम्बर को नगर निगम भोपाल में आन लाइन आवेदन दिया। नगर निगम ने आवेदन के दो दिन बाद एनओसी भी जारी कर दी। रिपोर्ट में यह भी बताया कि घटना के दिन वाटर हाईड्रेंट चालू स्थिति में था। सभी अग्निशमन यंत्रों सही स्थिति में थे, इसी की सहायता से आग पर काबू पाया गया है। उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार भवन की इलेक्ट्रिक सेफ्टी आडिट 2013 से 2021 तक लगातार कराई गई है। जो वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण नहीं की गई।

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