पांच और कॉलोनियां शामिल, 22 तक मांगे दावे-आपत्तियां

KRISHNAKANT SHUKLA

Publish: May, 18 2018 09:21:10 AM (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
पांच और कॉलोनियां शामिल, 22 तक मांगे दावे-आपत्तियां

कलेक्टर गाइडलाइन : नहीं बढ़ाए जमीनों के रेट

भोपाल. प्रॉपर्टी बाजार की स्थिति को देखते हुए इस बार क्रेडाई ने जमीनों के रेट कम करने के साथ उपबंधों को समाप्त करने की मांग की थी, ताकि रियल एस्टेट में जान पड़ सके। लेकिन गुरुवार को हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रेट कम करने और उपबंधों पर कोई चर्चा नहीं हुई।

हां, इतना जरूर हुआ कि इस साल जमीनों के रेट कहीं नहीं बढ़ाए। पिछले कई सालों में एेसा हुआ है कि जमीनों के रेट स्थिर रखे गए हैं। बीडीए के प्रोजेक्ट पतंजलि परिसर में रेट अलग से खोलने के साथ पांच और कॉलोनी को इस बार कलेक्टर गाइडलाइन में शामिल कर अलग से रेट खोले गए हैं।

22 मई तक इस पर दावे-आपत्ति मांगे गए हैं। कलेक्टर सुदाम खाडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में उप जिला मूल्यांकन समिति के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। जो प्रस्ताव समिति की तरफ से भेजे गए थे, लगभग उन्हीं पर सहमति बनी है।

कृषि भूमि को लेकर बीडीए के सीईओ की बहस : बैठक में बीडीए के सीईओ और पंजीयन के अधिकारी कृषि भूमि को लेकर आपस में भिड़ गए। सीईओ का तर्क था कि मिसरोद फेस-1 और 2 तथा गोंदरमऊ स्थित एयरोसिटी प्रोजेक्ट की कृषि भूमि और प्लॉट के रेटों में ढाई से तीन गुने का अंतर है। कृषि भूमि को विकसित करने के बाद जो लीज रेंट व रजिस्ट्रियां होती है, वह आवासीय दर पर होती है।

इससे प्रोजेक्ट ही नहीं बल्कि आम जनता के लिए प्लॉट या फ्लैट खरीदना महंगा हो जाता है। इस पर जिला पंजीयकों ने कहा कि आप भी तो कृषि भूमि को खरीदकर उसे विकसित कर प्लॉट के रूप में बेचते हैं और लाभ कमाते हैं। पंजीयकों ने तर्क दिया कि जमीन खरीदने से पहले जो वह कृषि भूमि थी, प्रोजेक्ट विकसित करने के बाद वह कृषि भूमि कैसे कहलाएगी? जब विवाद बढऩे लगा तो कलेक्टर सुदाम पी खाडे ने मध्यस्ता करते हुए मामले को शांत कराते हुए सीईओ से दावे आपत्ति प्रस्तुत करने को कहा।

ये कॉलोनी पहली बार शामिल : 1. वार्ड क्रमांक एक में बीडीए का पतंजलि परिसर 2. वार्ड क्रमांक एक में ही लेकपर्ल स्प्रिंग 3. वार्ड क्रमांक 53 में सागर पर्ल 4. वार्ड क्रमांक 56 में गेलेक्सी सिटी 5. वार्ड क्रमांक 68 में गणेश गैलेक्सी सिटी (नरेला शंकरी )

इस बार जमीनों के रेट कहीं नहीं बढ़ाए गए हैं, २२ मई तक जनता की तरफ से दावे-आपत्ति बुलवाए गए हैं।
सुदाम खाडे, कलेक्टर

प्रॉपर्टी के करोबार में जान डालने के लिए इस बार जमीनों के रेट कम करने के साथ उपबंधों का खत्म करने का प्रस्ताव भेजा था। मनोज सिंह मीक, प्रवक्ता, क्रेडाई

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