ज्यादा पानी पीना बीमारी का बन सकता है कारण, ऐसे समझें इसे

ज्यादा पानी पीना बीमारी का बन सकता है कारण, ऐसे समझें इसे

Deepesh Tiwari | Publish: Jul, 26 2019 12:47:41 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

जरूरत से ज्यादा पानी पीने से व्यक्ति के दिमाग में सूजन : too much water harmful for health ...

भोपाल। आपके स्वास्थ्य को देखते हुए कई बार ज्यादा से ज्यादा पानी पीने ( too much water ) को कहा जाता है। लेकिन यह कार्य उन्हीं के लिए ठीक है जो बहुत कम पानी पीते हैं।

दअरसल जानकारों के अनुसार भी स्वयं को स्वस्थ्य रखने के लिए हर व्यक्ति को एक दिन में 2 लीटर पानी पीना चाहिए। क्योंकि यह आपको हाइड्रेट रखता है। लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा की ज्यादा पानी के कई निगेटिव ( too much water harmful for health ) असर भी होते हैं।

डॉक्टर्स की मानें तो इन दिनों मध्य प्रदेश सहित देश के कई जिलों में इन दिनों दिन उमस की चपेट में हैं। ऐसे में प्यास लगना भी आम बात हैं, इस दौरान भरपूर मात्रा में पानी पिएं ( drinking water ) , लेकिन सही समय यानि प्यास ( water for health ) लगने पर और केवल स्वच्छ पानी।

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इसका कारण ये है कि जरूरत से ज्यादा पानी भी हमें नुकसान ( extra water harmful ) देता है, इस संबंध डॉ. राजकुमार में कहते हैं कि तभी तो कहा भी गया है कि अति सर्वत्र वर्जयेत...

खुद डॉक्टर्स का मानना है कि सही समय पर भरपूर मात्रा में पानी पिया ( drinking water) जाए, तो कई रोगों से मुक्ति मिल जाती है। लेकिन यदि आप इससे ज्यादा ही पानी पीते हैं तो इसके कारण दुष्परिणाम ( water side effects ) भी हो सकते हैं। ऐसे में हमेशा याद रखें कि आपको जब तक प्यास नहीं लगे तब तक बेवजह पानी न पीएं। यानि अगर आप बिना प्यास लगने पर पानी पी रहे हैं, तो अपनी इस आदत को छोड़ दें।

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जानकारों का भी कहना है कि आपको जब प्यास लगती है तो शरीर में पानी की जितनी मात्रा की जरूरत होती है वह पानी पीने से मिल जाती है। लेकिन यदि आपको प्यास महसूस नहीं हो रही है और इसके बावजूद आप पानी पी रहे हैं तो ऐसा करने से आपके शरीर के लिए घातक( water side effects ) हो सकता है, दरअसल प्यास के पानी पीने से शरीर में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन हो सकता है।

एक नए शोध में ये बात भी सामने आई है कि जरूरत से ज्यादा पानी पीने से व्यक्ति के दिमाग में सूजन आ सकती है। वहीं चुकि पानी आपको हाइड्रेट करता है, अत: ज्यादा हाइड्रेड होने से शरीर में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे की पौटेशियम, सोडियम और मैग्नेशियम का संतुलन बिगड़ सकता है।

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चिकित्सकों के अनुसार ये ही चीजें हमारी किडनी से लेकर हार्ट फंक्शन तक हर चीज का संचालन करती हैं। ऐसे में ज्यादा पानी पीने से शरीर में इनका संतुलन बिगड़ सकता है और आपका शरीर सही तरह से काम करना बंद कर सकता है।

पानी से जुड़े तथ्यों के संबंध में यहां तक कहा जाता है कि ज्यादा पानी पीने से आपको हाथ, पैर और होठों पर सूजन आ सकती है। वहीं ज्यादा पानी पीने से खून में सोडियम की मात्रा कम हो जाती है और शरीर को नुकसान पहुंचता है।

वहीं ये भी कहा जाता है कि अगर आप ज्यादा शारीरिक श्रम करते हैं और गर्मी के मौसम में बाहर भागदौड़ करते हैं तब आपको ज्यादा पानी पीना जरूरी है, नहीं तो अपनी प्राकृतिक प्यास के आधार पर ही पानी पीएं।

ऐसे पहचाने शरीर में पानी की मात्रा...
ज्ञात हो कि यदि आपके पेशाब का रंग गहरा होता है तो यह डीहाइड्रेशन के लक्षण है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप इतना पानी पीएं की आपके पेशाब का रंग एकदम साफ हो।

हाइड्रेशन का हेल्दी स्तर तब होता है जब आपके पेशाब का रंग हल्का पीला हो। अगर आपके पेशाब का रंग एकदम साफ है, तो इसका मतलब है कि आप जरूरत से ज्यादा हाइड्रेड हैं और आपको अपने पानी पीने की मात्रा को कम करना चाहिए।

कुछ जानकार यह तक मानते हैं कि ज्यादातर लोग 24 घंटे में सात-आठ बार पेशाब करने जाते हैं। अगर आप बार-बार पेशाब करने जा रहे हैं और रात में भी उठकर पेशाब जाते हैं तो इसका मतलब है कि आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं। वहीं इसकी दूसरी वजह जैसे पेशाब की नली में संक्रमण, डाइबिटीज और प्रोस्टेट समस्या भी हो सकती है।

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आयुर्वेद: ज्यादा पानी पीने के ये भी हैं नुकसान...

: जरूरत से ज्यादा पानी पीने से भोजन को पचाने में मदद करने वाला पाचन रस काम करना बंद कर देता है। इस वजह से खाना देर से पचने लगता है।
: कई बार खाली पेट ठंडा पानी पीने से सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
: कभी- कभी हद से ज्यादा पानी पीने से हार्टअटैक भी हो सकता है।
अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो इससे किडनी की समस्‍या भी हो सकती है क्योंकि ज्यादा पानी पीने से किडनी को अपनी क्षमता से ज्यादा काम करना पड़ता है।

ज्यादा पानी? वाग्भट्ट ऋषि द्वारा लिखी पुस्तक अष्टाङ्गसंग्रह का अध्याय नंबर 6, श्लोक नंबर 32। वो कहते है।

“समीक्ष्य मात्रया युक्तममृतं विशमान्यथा।।

अर्थ-जल का सोच विचार कर मात्रपूर्वक प्रयोग अमृत के समान होता है।और अनुपयुक्त मात्रा में सेवन विष के समान होता है। अब कितनी मात्रा? अगले श्लोक में कहते है।

अतियोगेन सलिलं तृष्यतोs पि प्रयोजितम। प्रयाति पित्तश्लेष्मत्वं जवारितस्य विशेषतः।।33।।

अर्थ-प्यास लगने पर भी अधिक मात्रा में जल का प्रयोग से वह जल पित्त और कफ के रोग उत्पन्न करता है। (मतलब उतना ही पानी पीयो जितनी प्यास हो)। कौन से रोग? आगे कहते है।

वर्धयत्याम तृष्णा निद्रा आध्मानअंग गौरवं। कास अग्निसाद हल्लास प्रसेकश्वास पीनसान।।34।।

मोटापे की वजह-

पानी हमारी सेहत के लिए जरूरी है। मगर जरूरत से ज्यादा पानी आपको मोटापा दे सकता है। जी हां, आमतौर पर लोग यह मानते हैं कि पानी पीने से वजन घटता है और फैट बर्न होता है। ये बातें सही भी हैं। मगर ज्यादा पानी पीने से आपका वजन भी बढ़ सकता है।

दरअसल हमारा वजन तब बढ़ता है, जब शरीर में फैट जमा होता है। जमे हुए फैट सेल्स में पानी की मात्रा भी होती है। ऐसे में अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं, तो आपकी किडनी पूरे पानी को शरीर से बाहर निकालने में सक्षम नहीं होती है। बचा हुआ पानी आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस बिगाड़ता है। इससे पानी शरीर में जमा हो जाता है और आपका वजन बढ़ जाता है।

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