मकान बनाने के लिए 1 लाख 32 हजार, पशु शेड के लिए 1 लाख रुपए देगी सरकार, इन्हें मिलेगा लाभ

अनाज एवं बर्तन के लिए 05 हजार रूपए क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।

By: Pawan Tiwari

Published: 07 Sep 2020, 08:00 AM IST

भोपाल. मध्यप्रदेश में बाढ़ के कारण एक तरफ जहां किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है वहीं, दूसरी तरफ कई जिलों में लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में आई भीषण बाढ़ से प्रदेश में जनहानि नहीं हुई है, परंतु प्रभावितों के घर, सामान आदि की अत्यधिक हानि हुई है। कई गांवों में तो पूरे के पूरे घर टूट गए हैं तथा सामान नष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि चिंता न करें, हम उन्हें जैसा का तैसा घर बनाकर देंगे। साथ ही उनके खेत, सामान आदि की हानि की भी अधिक से अधिक भरपाई की जाएगी।

मकान नष्ट होने पर मिलेंगे एक लाख 32 हजार
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों के मकान बाढ़ से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें आरबीसी 6/4 के तहत एक लाख रूपए की राशि, मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी की 20 हजार रूपए तथा शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपये की राशि इस प्रकार एक लाख 32 हजार की राशि प्रदान की जाए।

पशु शेड के लिए मिलेंगे 70 हजार से एक लाख रूपए
बाढ़ से पशु शेड भी नष्ट हुए हैं। ऐसे पशुपालक जिनके शेड नष्ट हुए है और जिनके पास 5 पशु है उन्हें 70 हजार रुपये और 10 पशु है तो एक लाख रूपए की राशि पशु शेड बनाने के लिये दी जाएगी। इससे वे अपना नया पशु शेड बनवा सकते हैं। बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को अनाज एवं बर्तन-भाड़े इत्यादि के लिए 05 हजार रूपए क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।

खेत में कार्य कराने के लिए 3 लाख 80 हजार रूपए
अपर मुख्य सचिव मनोज वास्तव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित खेतों में खेत सुधार के लिए 3 लाख 80 हजार रूपए तक के कार्य कराए जाने का मनरेगा के अंतर्गत प्रावधान है। इसके अंतर्गत कपिलधारा कुआ, खेत-तालाब, मेढ़बांधन आदि कार्य कराए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रावधानों के अंतर्गत प्रभावित किसानों को खेत सुधार के लिए अधिकतम लाभ दिलवाया जाए।

50 दिन का मिलेगा अतिरिक्त रोजगार
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मनरेगा योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा वाले क्षेत्रों में 100 दिन के रोजगार के अलावा 50 दिन के अतिरिक्त रोजगार का प्रावधान है। इस संबंध में केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर जल्दी से जल्दी अनुमति प्राप्त की जाए तथा बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार प्रदान किया जाए।

मकान बनवाने में जिला प्रशासन मदद करे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश जारी कर दिए जाएं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के क्षतिग्रस्त मकानों को बनाने में जिला प्रशासन तथा जिला पंचायत पूरी मदद करें। वे मकान बनाने का सामान आदि वाजिब दामों में लोगों को मिले इस संबंध में कार्रवाई करें।

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