इतने पेड़ काट दिए कि मैपिंग में वन क्षेत्र ही नहीं दिख पाएगा कलियासोत

- कोरोना लॉकडाउन की आड़ में रुकी मैपिंग, इसी की आड़ लेकर मिटा डाला बड़ा जंगल

- मनमानी कटाई करके कलियासोत का घनत्व कम कर रहा माफिया

- तीन महीने में नहीं हो पाई मेपिंग

By: praveen malviya

Published: 24 May 2020, 03:00 AM IST

भोपाल. जिस कलियासोत के जंगल की मैपिंग करके उसके घने वन क्षेत्र होने की पुष्टि की जानी है उसका नामोनिशान मिटाने में वन और भू-माफिया जोर-शोर से लगे हुए हैं। कलियासोत वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। खास बात यह है कि एनजीटी की सेंट्रल बैंचके निर्देश अनुसार तीन महीने में इस इलाके की मैपिंग होना था, लेकिन कोरोना महामारी की आड़ लेकर इस काम को किनारे कर दिया गया और इसी दौरान माफिया पूरे क्षेत्र के वन को इतना कम घना कर देने पर तुला है कि सर्वे में यह वन क्षेत्र ही साबित नहीं होगा। कलियासोत के जंगल क्षेत्र में स्थित उच्च शैक्षणिक संस्थान के पीछे के बड़े हिस्से में सैंकड़ों पेड़ काटे गए हैं। इस बार माफिया ने पेड़ काटने का अलग पैटर्न अपनाया है। इसके तहत एक साथ पेड़ों को नहीं काटकर, पेड़ों समूह के बीच से एक-एक, दो- दो पेड़ काटे गए हैं। इस पैटर्न से एक बड़े इलाके में सैंकड़ों पेड़ काट दिए गए हैं।ताकि न दिखो घना जंगल कलियासोत के जंगलों को बचाने की लड़ाई लड़ रहे, एक्टिविस्ट राशिद नूर खान ने 2014 में एनजीटी में याचिका लगाई थी। एनजीटी की सेंट्रल बैच ने फरवरी में तीन महीने के अंदर केरवा-कलियासोत की मैपिंग पूरी करने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। वन विभाग की टीम के अनुरोध पर फरवरी में जिला प्रशासन ने एक संयुक्त टीम बनाई थी, लेकिन इस टीम का एक भी दौरा कलियासोत के जंगलों में नहीं हो सका। इस दौरान ही कोरोना संक्रमण बढ़ गया और सारा काम रुक गया। इसका फायदा उठाकर वन माफिया ने जंगल की बड़े पैमाने पर कटाई शुरू कर दी है। ' कलियासोत इलाके में कटाई की शिकायत मिली है। इस मामले को दिखवाते हैं। Ó एचएस मिश्रा, डीएफओ, भोपाल

praveen malviya Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned