बाघ के पंजे, पूंछ-मूंछ और दांत काट ले गए तस्कर, पांच दिन तक वन अमला रहा बेखबर

पीएम के बाद बाघ का हुआ अंतिम संस्कार

By: Pushpam Kumar

Published: 10 Apr 2019, 07:02 AM IST

भोपाल. रातापानी अभयारण्य में सोमवार को बगासपुर तालाब के पास जिस बाघ के शव से तस्कर पंजे, पूंछ व मूंछ के बाल और दांत काट ले गए थे, उसके पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है। सीसीएफ डॉ. एसपी तिवारी का दावा है कि बाघ के शरीर में जहर और जख्म नहीं मिले हैं। ऐसी ही रिपोर्ट दिसम्बर में मिले बाघ की भी थी। अब जांच कर रहे हैं कि कहीं बाघ को फंदे में फंसाकर भूख-प्यास से तो नहीं मारा जा रहा। तंत्र-मंत्र वाले एंगल भी है। इधर, वन अमले ने डॉग स्क्वॉड की मदद से बगासपुर गांव में एक संदिग्ध की पहचान की है। उसके घर से फंदा और शिकार में उपयोग लाए जाने वाले उपकरण मिले हैं। संदिग्ध आरोपी के फरार होने पर उसकी पत्नी और बेटे से पूछताछ की जा रही है। हालांकि वन अमला अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा है, लेकिन हर तरह के पहलुओं पर पडताल की जा रही है।

न वाइल्ड लाइफ डिवीजन बना, न टाइगर रिजर्व
रातापानी में इस समय 35 बाघ हैं। बाघों और वन्य जीवों की संख्या को देखते हुए वन विभाग ने रातापानी अभयारण्य को वाइल्ड लाइफ डिवीजन व टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव भेजा था। यदि ऐसा होता तो फंड, स्टाफ, वाहन मिलते। संसाधन बढऩे से वन्य जीवों और बाघों की सुरक्षा पुख्ता होने के साथ ही तस्करों की घुसपैठ भी रुकती।

कई अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी
पांच दिन तक घटना को लेकर बेखबर रहे बीट प्रभारी से लेकर रेंजर तक पर अब कार्रवाई की तैयारी है। औबेदुल्लागंज वन मण्डल कीबिनेका बीट में दिसम्बर में भी बाघ का शव मिला था, जिसके पंजे गायब थे। तब इसे प्राकृतिक मौत करार दिया गया था। इस बार अधिकारी इसे प्राकृतिक मौत बताने से बच रहे हैं। अंग काटे जाने से तय है कि मूल्यवान अंगों की तस्करी की आशंका है।

Pushpam Kumar Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned