कमलनाथ से मिलीं BJP नेता पारुल साहू, मंत्री गोविंद सिंह के खिलाफ लड़ सकती हैं चुनाव, 2013 में दे चुकी हैं मात

पारुल साहू 2013 में सुरखी विधानसभा सीट से विधायक रही हैं।

By: Pawan Tiwari

Published: 18 Sep 2020, 08:27 AM IST

भोपाल. मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटें रिक्त हैं। 27 सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां चल रही हैं लेकिन, उपचुनाव में भाजपा की राह में उसके अपने ही कांटा बन रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की भाजपा में एंट्री के बाद पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज हैं और उपचुनाव में सिंधिया समर्थक नेताओं टिकट दावेदारी को देखते हुए कई नेता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर दुविधा में हैं। ऐसे में भाजपा की नेता पारुल साहू ने पूर्व सीएम कमलनाथ से मुलाकात की है।

दरअसल, सागर जिले की सुरखी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक पारुल साहू आज कांग्रेस का दामन थाम सकती हैं। पारुल साहू ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से मुलाकात की। 2013 में विधायक बनी पारुल साहू को 2018 में टिकट नहीं दिया गया था। पारुल को लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती थीं इसलिए समझौता हुआ था लेकिन उन्हें लोकसभा का भी टिकट नहीं दिया गया था। वहीं, दूसरी तरफ ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके करीबी
गोविंद सिंह राजपूत भी अब भाजपा में हैं।

सुरखी में होना है उपचुनाव
सुरखी विधानसभा सीट में उपचुनाव होना है। भाजपा की तरफ से गोविंद सिंह राजपूत को संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। ऐसे में पारुल साहू नाराज हैं। माना जा रहा है कि अगर पारुल साहू कांग्रेस में शामिल होती हैं तो उन्हें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ मैदान में उतारा जा सकता है।

गोविंद सिंह का हराया था चुनाव
2013 के विधानसभा चुनाव में पारुल साहू भाजपा की उम्मीदवार थीं और गोविंद सिंह राजपूत कांग्रेस के टिकट से मैदान पर थे। इस चुनाव में पारुल साहू ने गोविंद सिंह राजपूत को चुनाव में हराया था। हालांकि हार का अंतर बहुत कम था। 2013 में पारुल साहू को 59,513 वोट मिले थे जबकि गोविंद सिंह राजपूत को 59,372 वोट मिले थे। लेकिन अब होने वाले उपचुनाव में गोविंद सिंह राजपूत भाजपा में हैं और माना जा रहा है कि सुरखी विधानसभा सीट से वहीं उम्मीदवार हो सकते हैं।

Pawan Tiwari
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