RBI गवर्नर के टीचर का केस दिल्ली पहुंचा, आयोग से की शिकायत

RBI गवर्नर के टीचर का केस दिल्ली पहुंचा, आयोग से की शिकायत
alok sagar

रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के शिक्षक रहे IIT प्रोफेसर को गांव से भगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके अलावा कई आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है।

भोपाल। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के शिक्षक रहे IIT प्रोफेसर को गांव से भगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके अलावा कई आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है। घोड़ाडोंगरी उपचुनाव से ठीक पहले निर्वाचन आयोग में शिकायत की गई है। शिकायत में बताया गया है कि आदिवासियों के हित में काम करने वाले प्रोफेसर आलोक सागर को आचार संहिता के दौरान क्षेत्र ही छोड़ देने के लिए धमकाया गया। प्रो. सागर समाजवादी जन परिषद से जुड़े हैं और आदिवासियों के लिए काम कर रहे हैं।

यह शिकायत परिषद के अनुराग मोदी ने मंगलवार को दिल्ली भेजी। शाहपुर के कोचामाऊ गांव में 26 साल से रह रहे है सागर को 7 मई को शाहपुर पुलिस ने चुनाव तक गांव छोड़ने को कहा था और ऐसा न करने पर उनके साथ सख्ती करने और जेल में डालने की धमकी दी थी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदिवासीयों को खौफजदा करने के लिए वन विभाग के रेंजर ने उनकी नर्सरी में आग लगा दी और उनके झोपड़े तोड़ दिए थे।


आरोपियों को ही दे दिया जांच का जिम्मा
जिला प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश पर अमल नहीं कर रहा है। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के कई आदिवासियों की शिकायतें पर गौर नहीं किया जाता है। शिकायत करने पर चुनाव आयोग ही कई शिकायतों के निराकरण के लिए पोस्ट ऑफिस जैसा रवैया अपनाता है। उनकी शिकायतों को आरोपी अधिकारियों के पास ही जांच के लिए भेज देता है।


चुनाव से पहले नहीं जोड़ा वोटर लिस्ट में नाम
जबलपुर हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर 2014 को आदेश दिया था कि दानवाखेड़ा के आदिवासियों के नाम एक सप्ताह के भीतर वोटरलिस्ट में जोड़े जाएं,कलेक्टर ने यह कहते हुए हाईकोर्ट के आदेश को तवज्जो नहीं दी कि ये लोग वनभूमि पर अतिक्रामक हैं, इसलिए वोटरलिस्ट में नाम नहीं जुड़ सकेगा।


नर्सरी में आग लगाई, पुलिस नहीं मानती
3 मई 2016 को संवालीगढ़ के वन विभाग के रेंजर, मुकेश व अन्य ने पीपलबर्रा गांव में आदिवासियों के देव स्थान नागदेव के जंगल में बनाई गई नर्सरी में आग लगा दी और कई झोपड़े क्षतिग्रस्त कर दिए। आग लगाकर भागने वालों को आदिवासियों ने पकड़ लिया था। बैतूल sp को लिखित शिकायत की गई, लेकिन अब पुलिस कह रही है क ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं।


दो तिहाई आदिवासी हैं मतदाता
अनुराग मोदी ने बताया गया है कि यह विधानसभा सीट आदिवासी के लिए आरक्षित है। इसमें दो तिहाई से ज्यादा आदिवासी मतदाता हैं। उसमें से अधिकतर वन क्षेत्रों में रहते हैं। इसलिए, इन इलाकों में वन विभाग और पुलिस के अधिकारी चुनाव को सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में मोड़ने में कोशिश करते रहते हैं।


प्रमुख बिन्दू
उन्हीं अधिकारियों को जांच का जिम्मा न दें, जो खुद आदिवासियों के आरोपी हैं।
जो व्यक्ति जिस जगह रहता है, उसका नाम वहां की मतदाता सूची में जोड़ा जाना चाहिए।
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