script निकली गजरथ की फेरी, महिलाओं ने दी दिव्य घोष की प्रस्तुति, विश्वशांति के लिए आहुतियां | Gajrath procession took place, women gave presentation of Divya Ghosh, | Patrika News

निकली गजरथ की फेरी, महिलाओं ने दी दिव्य घोष की प्रस्तुति, विश्वशांति के लिए आहुतियां

locationभोपालPublished: Jan 27, 2024 11:18:45 pm

- पंचकल्याणक महोत्सव का समापन, गूंजे जयकारे

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नेहरू नगर में चल रहे पंचकल्याणक के समापन मौके पर निकाली गजरथ की फेरी

भोपाल. नेहरू नगर के लालसिंह ग्राउंड पर चल रहे नीलबड़ जैन मंदिर के पंचकल्याणक महोत्सव का गत दिवस समापन हो गया। इस मौके पर आयोजन स्थल पर गजरथ की फेरी निकाली गई। इसमें तीन मंजिला रथ में सबसे ऊपर भगवान जिनेन्द्र की प्रतिमा विराजमान थी, रथ पर प्रमुख पात्र सौधर्म इन्द्र, कुबेर एवं महायज्ञ नायक बैठे थे श्रद्धालु श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ रथ को स्पर्श कर रहे थे। इसी प्रकार महिलाओं द्वारा दिव्य घोष की प्रस्तुति दी गई।
विश्व शांति की कामना और मंगलमय जीवन की विशेष प्रार्थना के साथ विश्व शांति महायज्ञ में आहुतियां दी गई। गजरथ यात्रा में भगवान जिनेन्द्र के तीन रथ श्रद्धा, भक्ति और आस्था के मुख्य केन्द्र थे। आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश भारिल्ल ने बताया कि अनुष्ठान में जयपुर, राजस्थान से आईं भगवान जिनेन्द्र की 11 जिन प्रतिमाएं प्रतिष्ठित हुईं। पंचकल्याणक का आयोजन मुनि सुप्रभ सागर, मुनि आराध्य सागर मुनि प्रणत सागर और मुनि सुहित सागर महाराज के सान्निध्य में किया गया।

गूंजी भजनों की स्वरलहरियां

केसरिया ध्वज पताकाओं के तले निकली गजरथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने ही बनता था। महिलाएं दिव्य घोष के माध्यम से भगवान जिनेन्द्र की भक्ति कर रही थी चिन्मय दिव्य घोष के युवा कार्यकर्ता जयकारों से सम्पूर्ण शोभायात्रा का मार्ग गुंजायमान कर रहे थे। केसरिया.... केसरिया... आज हमारो रंग भयो केसरिया.... प्रभु रथ में हुये सवार, नगाड़ा बाज रहा, आया रे आया देखो प्रभुजी का रथ आया आदि भजनों पर श्रद्धालु प्रभु की भक्ति में लीन थे। अयोध्या नगर बनी आयोजन स्थल की 7 परिक्रमाएं लगाई गई। इसके बाद भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक और विशेष शांतिधारा की गई।
स्वयं से पहले दूसरों के कल्याण के बारे में सोचे
इस मौके पर आयोजित प्रवचन में मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि जीवन को ऐसा बनाओ कि स्वयं से पहले पर के कल्याण का सोचें। परिणामों को सहज, सरल और निर्मल बनाओ तो आज यह पाषाण से भगवान बनने का अनुष्ठान देखना सार्थक है। प्रवक्ता अंशुल ने बताया कि आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश भारिल्ल, मुख्य संयोजक राकेश जैन अनुपम एवं अन्य पदाधिकारियों ने सभी का बहुमान किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक भगवानदास सबनानी, राजेश भारिल्ल, मनोज बांगा, प्रमोद हिमांशु, राकैश जैन अनुपम, डॉ. बीसी. जैन, प्रवेन्द्र सिंघई, राजीव जैन राज सहित अनेक लोग मौजूद थे।

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